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October 4, 2026
हिमाचल की इस पंचायत का बड़ा फैसला- शादी में मेहंदी और हल्दी का फंक्शन नहीं- मंगलसूत्र पर भी रोक
मंगलसूत्र, अंगूठी और लहंगा देने पर रोक
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किन्नौर। हिमाचल प्रदेश में शादी-ब्याह के मौके पर जमकर रस्में निभाने के साथ खूब खर्च भी किया जाता है। ऐसे में जनजातीय जिला किन्नौर की जनकपुरी पंचायत ने शादी समारोहों में होने वाली फिजूलखर्ची और दिखावे को कम करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। पंचायत ने शादी में कुछ रस्मों और उपहारों पर रोक लगा दी है। साथ ही, इन नियमों का उल्लंघन करने वाले परिवार पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया गया है।
पंचायत के नए फैसले के मुताबिक शादी में बहू या बेटी को मंगलसूत्र देने पर रोक रहेगी। इसके अलावा दूल्हा-दुल्हन को अंगूठी देने, लहंगा और वरमाला की व्यवस्था करने की भी अनुमति नहीं होगी। पंचायत ने शादी समारोह में हल्दी और मेहंदी की रस्म पर भी रोक लगाने का फैसला लिया है।
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पंचायत ने साफ किया है कि अगर कोई परिवार इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर 51 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। पंचायत का कहना है कि इस फैसले का मकसद लोगों पर किसी तरह का दबाव बनाना नहीं, बल्कि शादी समारोहों में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करना है।
पंचायत प्रतिनिधियों के मुताबिक आजकल शादियों में दिखावे और एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ के कारण परिवारों पर काफी आर्थिक बोझ पड़ता है। इन फैसलों का उद्देश्य इसी बोझ को कम करना और शादी जैसे समारोहों को सादगी से आयोजित करना है।
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जनकपुरी पंचायत इसी साल चगांव पंचायत से अलग होकर नई पंचायत के रूप में अस्तित्व में आई है। पंचायत प्रधान अंजना नेगी के नेतृत्व में यह फैसला लिया गया है। अंजना नेगी इससे पहले चगांव वार्ड से जिला परिषद सदस्य भी रह चुकी हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि शादी एक सामाजिक और पारिवारिक आयोजन है, इसे अनावश्यक खर्च और दिखावे की होड़ नहीं बनाना चाहिए। पंचायत ने स्थानीय लोगों से नए नियमों का पालन करने और इस पहल में सहयोग देने की अपील की है। पंचायत का मानना है कि इससे समाज में सादगी को बढ़ावा मिलेगा और परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव भी कम होगा।