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October 5, 2026
हिमाचल: 155 की बीयर के वसूले 230 रुपए... अब भरना पड़ेगा मोटा जुर्माना; मुआवजा भी देना पड़ेगा
कांगड़ा में तय कीमत से ज्यादा शराब बेचने का मामला फिर सुर्खियों में
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में शराब के तय दामों से अधिक वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पिछले दिनों आबकारी विभाग की ओर से भी कई शराब ठेकों पर कार्रवाई की गई थी और नियमों की अनदेखी करने वाले कुछ ठेकों को एक-दो दिन के लिए सील तक किया गया था। इसके बावजूद शराब ठेकों पर ग्राहकों से मनमाने दाम वसूलने के मामले थमते नजर नहीं आ रहे हैं। अब रानीताल स्थित शराब के ठेके पर बीयर की बोतल एमआरपी से अधिक कीमत पर बेचने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने कड़ा फैसला सुनाया है।
मामले में उपभोक्ता फोरम ने शराब विक्रेता और दुकान संचालक को शिकायतकर्ता से वसूली गई अतिरिक्त राशि वापस करने के साथ मुआवजा और मुकदमे का खर्च भी अदा करने का आदेश दिया है। फोरम के इस फैसले के बाद शराब की बोतल या बीयर की कीमत पर निर्धारित एमआरपी से अधिक भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर भी मामला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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मामला योल कैंट धर्मशाला निवासी अंशुल से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार अंशुल ने 27 अप्रैल 2026 को रानीताल स्थित शराब के ठेके से बीयर की एक बोतल खरीदी थी। बोतल पर एमआरपी 155 रुपए अंकित थी, लेकिन सेल्समैन ने ग्राहक से इसके बदले 230 रुपए वसूल लिए। यानी एक ही बोतल पर निर्धारित कीमत से 75 रुपए अधिक लिए गए।
अंशुल ने जब सेल्समैन से एमआरपी से ज्यादा पैसे लेने पर सवाल किया तो उसने इसका विरोध किया और खरीद की रसीद भी मांगी। शिकायत के मुताबिक सेल्समैन ने रसीद देने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, जब ग्राहक ने अधिक राशि वसूलने का कारण पूछा तो सेल्समैन ने कथित तौर पर कहा कि वह दुकान संचालक के निर्देश पर ही एमआरपी से ज्यादा पैसे ले रहा है और वह ठेकेदार के प्रति जवाबदेह है।
इसके बाद मामला उपभोक्ता फोरम तक पहुंचा। शिकायत और मामले की सुनवाई के बाद फोरम ने शराब विक्रेता और दुकान संचालक को संयुक्त रूप से शिकायतकर्ता को 75 रुपये वापस करने का आदेश दिया। इसके अलावा उपभोक्ता को हुई परेशानी और मामले के चलते हुए नुकसान के लिए पांच हजार रुपये मुआवजा तथा 7,500 रुपये मुकदमा खर्च के रूप में देने के निर्देश दिए गए हैं।
फोरम ने अतिरिक्त वसूली गई 75 रुपये की राशि पर शिकायत दर्ज होने की तारीख से भुगतान होने तक नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी आदेश सुनाया है। यह फैसला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद और नारायण ठाकुर की खंडपीठ ने सुनाया।
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कांगड़ा में शराब की बिक्री को लेकर सामने आ रहे ऐसे मामलों के बीच यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि ग्राहक से निर्धारित कीमत से अधिक राशि लेने का मामला अब सीधे उपभोक्ता विवाद के रूप में फोरम तक पहुंचा और विक्रेता तथा दुकान संचालक दोनों को आर्थिक दायित्व का सामना करना पड़ा। इस मामले ने यह भी सामने रखा है कि यदि किसी ग्राहक से तय कीमत से अधिक राशि वसूली जाती है और उसे उचित रसीद भी नहीं दी जाती, तो वह इसकी शिकायत संबंधित विभाग या उपभोक्ता फोरम के समक्ष कर सकता है।
अब इस मामले के बाद एक बार फिर शराब ठेकों पर कीमतों को लेकर निगरानी और उपभोक्ता अधिकारों का मुद्दा चर्चा में है। ग्राहकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि आने वाले दिनों में तय कीमत से अधिक वसूली के मामलों पर संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं।