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October 2, 2026

ई-बसें भरने लगीं HRTC की खाली झोली...CM सुक्खू के जिला में एक माह में ही कर ली करोड़ों की कमाई

डीजल बसों की तुलना में ई बसों से 65 प्रतिशत अधिक हो रही कमाई

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HRTC Electrick Bus

हमीरपुर। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा राज्य के परिवहन क्षेत्र को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल बनाने का बड़ा कदम अब धरातल पर रंग लाने लगा है। लंबे समय से लगातार घाटे का सामना कर रहे हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) के लिए यह निर्णय मील का पत्थर साबित हो रहा है। प्रदेश में एचआरटीसी की इलेक्ट्रिक (ई-बसों) के सफल संचालन से निगम की खाली झोली अब पैसों से भरने लगी है।

 

अकेले हमीरपुर डिवीजन की बात करें, तो यहां ई-बसों के संचालन से निगम को महज एक महीने के भीतर 1.5 करोड़ रुपये का शुद्ध आर्थिक लाभ हुआ है। डीजल बसों की तुलना में इन आधुनिक बसों से करीब 65 प्रतिशत तक की भारी बचत दर्ज की जा रही है, जिससे निगम की आय में अभूतपूर्व उछाल आया है।

 

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1000 से अधिक नई ई-बसों की होगी खरीदारी

इलेक्ट्रिक बसों की इस शानदार सफलता और बंपर कमाई को देखते हुए सुक्खू सरकार अब राज्य में 1,000 से अधिक और नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदने जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में जब इन नई ई-बसों का बेड़ा सड़कों पर उतरेगा, तो निगम की आय में कई गुना बढ़ोतरी होगी। इससे वर्षों से वित्तीय संकट और घाटे से जूझ रहा एचआरटीसी पूरी तरह अपने पैरों पर खड़ा हो सकेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।

डीजल का खर्च घटा तो HRTC की बचत बढ़ी

HRTC हमीरपुर डिवीजन के डीएम राजकुमार पाठक के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल बसों की तुलना में ऊर्जा खर्च में काफी कमी आई है। उनके मुताबिक इलेक्ट्रिक बसों के कारण करीब 65 फीसदी तक बचत हो रही है, जिससे निगम के कुल परिचालन खर्च पर सीधा असर पड़ रहा है। यानी जिस बस को सड़क पर दौड़ाने के लिए पहले बड़ी रकम ईंधन पर खर्च करनी पड़ती थी, उसी परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक बसों ने खर्च का गणित काफी हद तक बदल दिया है।

 

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जुलाई के आंकड़ों ने दिखाया कमाई और खर्च का अंतर

हमीरपुर डिवीजन में जुलाई महीने के आंकड़े भी खासे महत्वपूर्ण हैं। अधिकारियों के अनुसार इस दौरान डीजल बसों में कुल 54,725 लीटर डीजल की खपत हुई। इस पर निगम को करीब 44.74 लाख रुपये खर्च करने पड़े। वहीं इसी महीने डीजल बसों से डिवीजन को करीब 6.35 करोड़ रुपये की आय हुई। इलेक्ट्रिक बसों ने भी कमाई में अपना हिस्सा जोड़ा और जुलाई में इनसे करीब 79.98 लाख रुपये की आय दर्ज की गई।

हमीरपुर डिवीजन में 140 इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क

प्रदेश सरकार की ओर से हमीरपुर डिवीजन को कुल 140 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करवाई गई हैं। इनमें हमीरपुर डिपो को 35, ऊना को 23, हरोली को 29, देहरा को 20, नालागढ़ को 15 और बिलासपुर डिपो को 15 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं। इन बसों के संचालन का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ निगम की परिचालन लागत को कम करना भी है।

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पांच साल में HRTC को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य

सरकार ने HRTC को अगले पांच वर्षों में आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य बताया है। मुख्यमंत्री के अनुसार इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते इस्तेमाल से परिचालन लागत में कमी लाने में मदद मिलेगी। अगस्त 2026 में उन्होंने कहा था कि सरकार 1,000 इलेक्ट्रिक और 200 हाइड्रोजन बसों की योजना पर आगे बढ़ रही है। ऐसे में इलेक्ट्रिक बसों का बढ़ता बेड़ा HRTC के लिए केवल परिवहन व्यवस्था में बदलाव नहीं, बल्कि आर्थिक मॉडल में बदलाव की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।

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डीजल से इलेक्ट्रिक तक बदलेगा HRTC का सफर?

मुख्यमंत्री ने जुलाई में बताया था कि इलेक्ट्रिक बसों की परिचालन लागत डीजल बसों के मुकाबले काफी कम है। एक रिपोर्ट के मुताबिक डीजल बसों की लागत करीब 76-86 रुपये प्रति किलोमीटर के आसपास बताई गई, जबकि इलेक्ट्रिक बसों के लिए यह करीब 36-38 रुपये प्रति किलोमीटर बताई गई। 

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अगर बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन सफल रहता है, तो ईंधन और ऊर्जा लागत में होने वाली बचत निगम के वित्तीय दबाव को कम करने में योगदान दे सकती है। हालांकि HRTC को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए केवल बसों की संख्या बढ़ाना ही नहीं, बल्कि रूट की कमाई, रखरखाव, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और संचालन क्षमता जैसे कई दूसरे पहलुओं पर भी लगातार काम करना होगा।

दिल्ली-केलांग-लेह रूट ने भी दिखाई कमाई की ताकत

HRTC के लिए लंबी दूरी के रूट भी कमाई के लिहाज से महत्वपूर्ण बने हुए हैं। देश के ऊंचाई वाले प्रमुख बस मार्गों में शामिल दिल्ली-केलांग-लेह सेवा ने इस साल भी निगम को अच्छी आय दी। 26 मई से 17 सितंबर तक चली सेवा के दौरान अकेले केलांग-लेह-केलांग सेक्शन से करीब 45 लाख रुपये की आय होने की बात सामने आई है। मौसम और सड़क की परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल यह सेवा बंद है और अनुकूल मौसम में अगले साल मई में दोबारा शुरू किए जाने की उम्मीद है।

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