सिरमौर। दूरियों के सफर को छोटा कर दिया, खोए रिश्तों को फिर से सजा दिया। हिमाचल प्रदेश की सिरमौर जिला पुलिस यह शब्दों बखूबी चरितार्थ कर दिखाए हैं। सिरमौर जिले की पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक बिछड़े व्यक्ति को करीब एक साल बाद उसके परिवार से मिलाया है। इस घटना के बाद हर तरफ सिरमौर पुलिस की तारीफ हो रही है।

परिजनों से मिलाया बिछड़ा व्यक्ति

नाहन विकासखंड के देवका पुड़ला गांव में एक अज्ञात व्यक्ति मिलने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे पहचान दिलाई और उसे उसके परिजनों तक पहुंचाया। यह घटना पुलिस और समाज के संयुक्त प्रयासों की एक प्रेरणादायक मिसाल है।

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भाषा बनी चुनौती, नहीं हारी हिम्मत

मिली जानकारी के अनुसार, अज्ञात व्यक्ति केवल बंगाली भाषा बोलता था। जिससे उसकी पहचान कर पाना काफी मुश्किल हो रहा था। मगर पुलिस ने धैर्य और समझदारी से काम लेते हुए व्यक्ति के बताए विवरणों के आधार पर पश्चिम बंगाल के तूफानगंज थाने से संपर्क किया।

कैसे हुई व्यक्ति की पहचान?

पुलिस टीम ने व्यक्ति की पहचान तकनीक का सहारा लिया। पुलिस टीम ने व्हाट्सएप और वीडियो कॉल का उपयोग करते हुए उसकी पहचान मदन शाह के रूप में की गई- जोवह पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले का निवासी निकला।

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करीब एक साल से था लापता

मदन शाह के भांजे विपिन शाह ने पुष्टि की कि वह उसका मामा है- जो लंबे समय से लापता था। उसने बताया कि मदन शाह की गुमशुदगी की रिपोर्ट 15 फरवरी 2024 को तूफानगंज थाने में दर्ज की गई थी।

 

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में एक संदिग्ध व्यक्ति को देखकर ग्रामीणों ने उसे भोजन कराया और पुलिस को सूचित किया। सिरमौर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर व्यक्ति से बातचीत की और उसकी मदद के लिए हर संभव प्रयास किया।

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परिवार ने आभार किया प्रकट

मदन शाह के परिवार ने सोमवार को नाहन पहुंचकर सिरमौर पुलिस का धन्यवाद किया। मदन शाह को देखकर परिजनों के खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। पुलिस ने ना सिर्फ मदन शाह को सुरक्षित उसके परिवार के हवाले किया, बल्कि अपनी ओर से धनराशि एकत्रित कर उसके घर लौटने की व्यवस्था भी की।

 

उधर, ASP सिरमौर योगेश रोल्टा ने इस मानवीय कार्य में शामिल पुलिसकर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने यह साबित कर दिया कि पुलिस ना केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम करती है, बल्कि मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी बखूबी निभाती है। पुलिस और समाज की त्वरित और समर्पित पहल ने एक बिछड़े परिवार को पुनः एकजुट कर दिया, जो सभी के लिए प्रेरणा है।

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