मंडी। हिमाचल प्रदेश में मानसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। इस मानसून सीजन में अब तक 268 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि, कई लोग लापता हैं। भारी बारिश और बादल फटने जैसी घटनाओं के कारण कई परिवारों का नामोनिशान मिट गया है। रविवार देर रात मंडी जिले के सिल्हबुधाणी, कुंगड़ और स्वाड़ गांवों में बादल फटने की घटना ने तबाही मचा दी। तेज बारिश और अचानक आए मलबे की वजह से कई घर, दुकानें, फुटब्रिज और खेत पानी में बह गए।
बादल फटने से मची तबाही
मंडी में फ्लैश फ्लड से एक दुकान, दो मछली फार्म और सैकड़ों बीघा उपजाऊ भूमि बाढ़ में समा गई। ग्रामीणों के मुताबिक रात को तेज गर्जना और पानी के बहाव को देखकर उनके होश उड़ गए।
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लोगों में डर का माहौल
लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। लोगों काफी सहमे हुए थे- कोई भी रातभर सोया नहीं। सुबह जब बारशि रुकी तो उन्होंने देखा कि उनके खेत, बगीचे, घर, दुकानें आदि सब मलबे में दबे हुए थे। वहीं, कुल्लू की लग घाटी से भी बादल फटने की सूचना मिली है, जहां खेत, मकान और दुकानें बर्बाद हो गईं।
कई जिलों में भूस्खलन
लगातार बारिश के चलते मंडी और कुल्लू सहित हिमाचल के कई जिलों में भूस्खलन हुआ है। दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 389 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। हजारों लोगों की आवाजाही ठप पड़ी है। वहीं, जल शक्ति विभाग की योजनाएं प्रभावित होने से कई इलाकों में पेयजल सप्लाई रुक गई है और बिजली व्यवस्था भी चरमराई हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अंधेरे और पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।
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जान-माल का भारी नुकसान
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, इस मानसून सीजन में अब तक 268 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 140 मौतें बारिश से जुड़ी घटनाओं-जैसे भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबने और बिजली गिरने में हुई हैं, जबकि 128 लोगों की मौत बारिश के दौरान हुई सड़क दुर्घटनाओं में हुई है। अब तक 336 लोग घायल हुए हैं और 37 लोग लापता हैं।
विभागवार नुकसान का आकलन
- लोक निर्माण विभाग (PWD): 1,21,675 लाख रुपये का नुकसान, हजारों संपर्क मार्ग बंद।
- जल शक्ति विभाग (Jal Shakti): 71,668 लाख रुपये की क्षति, जिससे पेयजल आपूर्ति ठप।
- बिजली विभाग: 13,946 लाख रुपये से अधिक का नुकसान, कई इलाकों में बिजली गुल।
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कई सैलानी रास्तों में फंसे
मनाली-कीरतपुर फोरलेन भारी बारिश और मलबे के कारण 35 घंटे तक बाधित रहा। सोमवार को जब यह सड़क बहाल हुई तो इसमें फंसे 1,300 से ज्यादा पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। इनमें विदेश से आए पर्यटक भी शामिल थे।
स्कूल-कॉलेज बंद
मंडी से कुल्लू के बीच औट, पनारसा, टकोली और थलौट जैसे इलाकों में सड़कें पानी और मलबे से भर गई हैं। कई घंटों तक यहां से गुजरने वाले वाहन फंसे रहे। बारिश और आपदा को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता के तौर पर कटौला उपतहसील के सभी स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आज बंद रखने के आदेश दिए हैं।
