शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक कॉरपोरेट गाइडलाइन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानून-व्यवस्था के मुद्दे में बदलता नजर आ रहा है। बुधवार को संजौली स्थित Lenskart के शोरूम में कुछ संगठनों के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
LENSKART शोरूम में प्रदर्शन
जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारियों का एक समूह संजौली स्थित शोरूम में पहुंचा, जहां उन्होंने नारेबाजी की और कर्मचारियों के साथ धार्मिक प्रतीकों से जुड़ी गतिविधियां कीं। इस दौरान कर्मचारियों को तिलक लगाया गया और कलावा बांधा गया, साथ ही धार्मिक नारों का उच्चारण भी किया गया।
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गाइडलाइन को लेकर जताया विरोध
प्रदर्शन कर रहे संगठनों का आरोप है कि कंपनी की हालिया गाइडलाइंस एक विशेष विचारधारा को बढ़ावा देती हैं और इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। कुछ नेताओं ने कॉरपोरेट नीतियों पर सवाल उठाते हुए इसे पक्षपातपूर्ण बताया और विरोध दर्ज कराया।
नेताओं के बयान और आरोप
प्रदर्शन में शामिल कुछ नेताओं ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि कॉरपोरेट जगत में ऐसी नीतियां स्वीकार्य नहीं हैं। वहीं, महिला प्रदर्शनकारियों ने भी इन गाइडलाइंस का विरोध करते हुए कंपनी के बहिष्कार की बात कही।
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पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत के आधार पर कई लोगों के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। शिकायत में कहा गया है कि 10–15 लोग बिना अनुमति शोरूम में दाखिल हुए और वहां नारेबाज़ी की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जांच जारी, स्थिति पर नजर
पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन प्रशासन एहतियात के तौर पर नजर बनाए हुए है।
