रिकांगपिओ। किन्नौर कैलाश यात्रा के दौरान इस बार एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। राजस्थान के सीकर जिले के लोसर गांव के 19 वर्षीय विक्रम कुमार हरिद्वार से कांवड़ में गंगाजल लेकर किन्नौर कैलाश शिवलिंग पहुंचे।

पहली बार शिवलिंग पर चढ़ा गंगाजल

अभिषेक ने अपनी ये यात्रा 18 दिन की पैदल चलकर पूरी की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग पर पवित्र गंगाजल अर्पित किया, जिसके बाद वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजा दिया।

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550 KM पैदल तय कर पहुंचे किन्नौर

विक्रम कुमार ने बताया कि उन्होंने 10 जुलाई को हरिद्वार से अपनी यात्रा शुरू की थी। करीब 550 किलोमीटर का सफर पैदल तय करने के बाद वह श्रावण एकादशी के अवसर पर किन्नौर कैलाश पहुंचे और शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाकर अपनी धार्मिक यात्रा पूरी की।

पहली बार होने का किया जा रहा दावा

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का दावा है कि किन्नौर कैलाश के इतिहास में अब तक हरिद्वार से कांवड़ के रूप में गंगाजल लाकर शिवलिंग पर अर्पित करने का ऐसा मामला सामने नहीं आया था। यदि यह दावा सही है, तो यह किन्नौर कैलाश यात्रा के इतिहास की पहली ऐसी घटना मानी जा रही है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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देश में शांति और गौ संरक्षण का दिया संदेश

विक्रम कुमार ने बताया कि उनकी इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि देश में शांति का संदेश देना भी है। उन्होंने कहा कि वह गौ संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहते हैं और गोमाता को राष्ट्रीय दर्जा दिए जाने की मांग का संदेश भी अपनी यात्रा के माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं।

रास्ते भर मिला श्रद्धालुओं का साथ

विक्रम ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर शिवभक्तों ने उनका स्वागत किया और हर संभव सहयोग दिया, जिससे वह अपनी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर सके।

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