शिमला। हिमाचल पथ परिवहन निगम HRTC ने बस संचालन को अधिक सुरक्षित और अनुशासित बनाने के लिए नई कार्यप्रणाली लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत लंबी दूरी और रात में चलने वाली बसों में कंडक्टर के बैठने की व्यवस्था बदल दी गई है। साथ ही चालक और परिचालक के लिए कई नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन अब अनिवार्य होगा।
HRTC का बड़ा फैसला
निगम प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि नई SOP तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है और पुराने दिशा-निर्देश अब प्रभावी नहीं रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित चालक और परिचालक के खिलाफ आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।
यह भी पढ़ें : मणिमहेश यात्रा के नियम बदले : अब बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होगी एंट्री, शुल्क भी बढ़ा
इन बसों में कंडक्टर आगे बैठेगा
नई व्यवस्था के अनुसार 150 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली सभी बसों और सूर्यास्त के बाद रवाना होने वाली रात्रिकालीन सेवाओं में कंडक्टर के लिए चालक के पास वाली सीट आरक्षित रहेगी।
हालांकि, वह टिकट वितरण और अन्य आवश्यक कार्य पूरे करने के बाद तथा दोनों दरवाजे सुरक्षित रूप से बंद होने की पुष्टि होने पर ही उस सीट पर बैठेगा। इसके विपरीत, कम दूरी वाले रूटों पर पहले की तरह कंडक्टर निर्धारित पिछली सीट का ही उपयोग करेगा।
यह भी पढ़ें : विक्रमादित्य सिंह के विभाग की सुस्ती पर हाईकोर्ट सख्त, पुल निर्माण देरी पर सुक्खू सरकार से मांगा जवाब
चलते वाहन में मोबाइल पर नहीं होगी बात
नई एसओपी में चालक द्वारा बस चलाते समय मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मोबाइल फोन साइलेंट मोड में रहेगा और आवश्यक होने पर कंडक्टर उसे संभालेगा। यदि किसी का फोन आता है तो बातचीत कंडक्टर करेगा और जरूरी जानकारी चालक तक पहुंचाएगा।
अगर किसी आपात स्थिति में चालक को स्वयं फोन पर बात करना आवश्यक हो, तो पहले बस को सुरक्षित स्थान पर रोकना अनिवार्य होगा। निगम का मानना है कि इससे चालक का ध्यान सड़क से नहीं भटकेगा और दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी।
यह भी पढ़ें : हिमाचल में फिर भारी बारिश का खतरा : 3 दिन ऑरेंज अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
निगम ने साफ किया है कि निरीक्षण के दौरान अगर नई SOP का पालन नहीं किया गया तो चालक और कंडक्टर दोनों पर दो-दो हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। यह कार्रवाई सीट व्यवस्था सहित अन्य परिचालन नियमों के उल्लंघन पर भी लागू होगी।
सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला
HRTC का कहना है कि यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ बस संचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। लंबे समय से कंडक्टर यूनियन भी लंबी दूरी के रूटों पर फ्रंट सीट उपलब्ध कराने की मांग कर रही थी। नई व्यवस्था से परिचालन में सुविधा आने के साथ सुरक्षा मानकों को भी बेहतर बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।
