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September 6, 2026
दिल्ली से लौटते ही CM सुक्खू लेंगे बड़े फैसले, इस दिन बुलाई कैबिनेट बैठक; हर वर्ग को राहत की उम्मीद
दिल्ली से लौटते ही 11 सिंतबर को सीएम सुक्खू कैबिनेट बैठक में लेंगे बड़े फैसले
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की सियासत और सरकारी तंत्र में एक बार फिर हलचल तेज होने वाली है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दिल्ली दौरे से लौटने के बाद सरकार बड़े फैसले ले सकती है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 11 सितंबर को राज्य मंत्रिमंडल की अहम बैठक होने जा रही है। सचिवालय में होने वाली इस बैठक को लेकर कर्मचारी वर्ग से लेकर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं तक उम्मीदें बढ़ गई हैं।
लंबे समय के बाद होने जा रही इस कैबिनेट बैठक को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में विधानसभा का दस दिवसीय मानसून सत्र संपन्न हुआ है। सत्र के दौरान सरकार और मंत्रियों की व्यस्तता के चलते कैबिनेट की बैठक नहीं हो सकी थी। अब विधानसभा सत्र के समाप्त होने के बाद सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक और नीतिगत फैसलों की दिशा में कदम बढ़ा दिया है।
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बता दें कि सीएम सुक्खू आज दिल्ली रवाना होंगे और वहां केंद्रीय मंत्रियों से कई अहम मुद्दों पर चर्चा के बाद दो या तीन दिन दिन बाद वापस शिमला लौटेंगे। ऐसे में 11 सितंबर की कैबिनेट बैठक केवल एक नियमित बैठक नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण फैसलों का मंच बन सकती है। सरकार के विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के साथ-साथ कर्मचारियों और रोजगार से संबंधित मामलों पर भी नजरें टिकी हुई हैं।
मानसून सत्र से पहले हुई पिछली कैबिनेट बैठक के बाद मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हो पाई थी। विधानसभा सत्र के दौरान पूरा सरकारी फोकस सदन की कार्यवाही, विधायी कामकाज और विभिन्न मुद्दों पर रहा। अब सत्र खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू सरकार के सामने कई ऐसे प्रस्ताव हैं, जिन पर कैबिनेट की मंजूरी जरूरी है। यही वजह है कि आने वाली बैठक को लेकर प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हैं। सरकार के स्तर पर लंबित प्रस्तावों को आगे बढ़ाने और विभागों में कामकाज को गति देने के लिए यह बैठक अहम साबित हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों युवा इस बैठक पर खास नजर लगाए हुए हैं। माना जा रहा है कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास, राजस्व और विद्युत विभाग में खाली पड़े क्रियाशील पदों को भरने से जुड़े प्रस्तावों पर फैसला ले सकती है। अगर इन पदों को भरने की मंजूरी मिलती है, तो लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए यह बड़ी राहत होगी।
कैबिनेट बैठक में किन-किन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, इस पर सभी की नजर रहेगी। खास तौर पर शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों में रिक्त पदों को भरने की दिशा में फैसला होने की उम्मीद को लेकर चर्चा है। इसके अलावा पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास, राजस्व और विद्युत विभागों में भी रिक्त क्रियाशील पदों को भरने से संबंधित प्रस्ताव सामने आ सकते हैं।
इन विभागों में कर्मचारियों की उपलब्धता सीधे तौर पर आम जनता से जुड़ी सेवाओं को प्रभावित करती है। ऐसे में रिक्त पद भरने का फैसला केवल नौकरी देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी योजनाओं और विभागीय कामकाज को भी गति मिल सकती है।
जहां बेरोजगार युवा नई भर्तियों की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं प्रदेश का कर्मचारी वर्ग भी 11 सितंबर की बैठक को लेकर उत्सुक है। कैबिनेट में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न लंबित मुद्दों और विभागीय प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना पर नजर बनी हुई है। कर्मचारियों के लिए सरकार की ओर से क्या निर्णय सामने आते हैं, यह बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन इतना तय है कि कैबिनेट के एजेंडे को लेकर कर्मचारी वर्ग में भी उत्सुकता है।
विधानसभा का मानसून सत्र समाप्त होने के बाद अब सरकार के सामने प्रशासनिक और विकासात्मक मोर्चे पर कई कामों को आगे बढ़ाने का अवसर है। ऐसे में 11 सितंबर की बैठक को सरकार के लिए अगले चरण की दिशा तय करने वाली बैठक के तौर पर भी देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में अगर भर्ती, विभागीय पदों और कर्मचारी हितों से जुड़े प्रस्तावों पर सकारात्मक फैसले होते हैं, तो आने वाले दिनों में प्रदेश की सरकारी व्यवस्था में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक से हिमाचल को क्या बड़ी सौगात मिलती है? क्या बेरोजगार युवाओं के लिए सरकारी विभागों में नए रोजगार के दरवाजे खुलेंगे? क्या कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर सरकार कोई बड़ा निर्णय लेगी? और क्या लंबे समय से लंबित विभागीय प्रस्तावों को कैबिनेट की हरी झंडी मिलेगी?