कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा और शिमला जिलों को जोड़ने वाले फोर लेन का अभी काम आधा अधूरा है। मगर इस पर टोल टैक्स की वसूली शुरु हो गई है। बता दें कि आज से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा बनाए गए इस टोल प्लाजा से गुजरने वाले सभी वाहनों को अब तयशुदा शुल्क देना होगा।
घटा रानीताल में मटौर-शिमला फोर लेन पर से गुजरने वालों को अपनी जेब ढीली करनी होगी। हालांकि लोग इस निर्णय से नाराज है और इसका सीधा असर न केवल स्थानीय वाहनों पर पड़ेगा, बल्कि धर्मशाला, मैक्लोडगंज और त्रियुंड जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले हजारों टूरिस्टों की जेब पर भी पड़ेगा।
टोल दरें: किस वाहन के लिए कितना शुल्क?
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जीप/वैन/LMV (हल्के वाहन):
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एकतरफा: ₹25
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दोनों तरफ: ₹35
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मासिक पास: ₹790
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लाइट कमर्शियल व्हीकल / मिनी बस:
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एकतरफा: ₹40
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दोनों तरफ: ₹55
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मासिक पास: ₹1275
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बस/ट्रक (2-एक्सल):
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एकतरफा: ₹80
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दोनों तरफ: ₹120
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मासिक पास: ₹2675
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3 एक्सल वाहन:
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एकतरफा: ₹90
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दोनों तरफ: ₹130
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मासिक पास: ₹2920
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मल्टी एक्सल/भारी मशीनरी:
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एकतरफा: ₹125
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दोनों तरफ: ₹190
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मासिक पास: ₹4195
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ओवरसाइज वाहन:
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एकतरफा: ₹155
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दोनों तरफ: ₹230
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मासिक पास: ₹5110
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स्थानीय लोगों को कुछ राहत
बता दें की 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों के लिए मासिक पास ₹350 में उपलब्ध होगा, लेकिन फास्ट टैग अनिवार्य होगा। बिना फास्ट टैग वाले वाहनों से दोगुना शुल्क वसूला जाएगा।
फोरलेन का निर्माण अभी अधूरा
शिमला-मटौर फोरलेन प्रोजेक्ट को पांच चरणों में बनाया जा रहा है। रियुंद खड्ड पर पुल निर्माण अधूरा होने के चलते अभी वाहन पुरानी टनल के रास्ते समेला कांगड़ा भेजे जा रहे हैं। अधूरे फोरलेन पर काटे जा रहे इस टोल टैक्स से लोग नाखुश है।
पर्यटक और ट्रैवल एजेंसियों में चिंता
धर्मशाला, भागसूनाग, त्रियुंड और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसे स्थलों पर पहुंचने वाले सैलानियों को अब अतिरिक्त भुगतान करना होगा। ट्रैवल एजेंसियों ने इस टोल को लेकर नाराजगी जताई है और कहा है कि इससे टूर पैकेज महंगे होंगे।
