शिमला। हिमाचल प्रदेश में आर्थिक दबाव के बीच सरकार के फैसलों को लेकर सियासी और जन-चर्चा तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में अब हिमाचल भवन के कमरों के किराये में की गई भारी बढ़ोतरी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
हिमाचल भवन में कमरे महंगे
सरकार ने कुछ चुनिंदा कमरों का किराया करीब साढ़े तीन गुना तक बढ़ा दिया है। मगर ये बढ़ोतरी सिर्फ उन कमरों पर लागू की गई है- जिनका इस्तेमाल आम लोग करते हैं।
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3 गुना बढ़ाए रेट
नई दरों के मुताबिक, दिल्ली और चंडीगढ़ स्थित हिमाचल भवन में कुछ निर्धारित कमरों के लिए अब आम लोगों को प्रति दिन 4000 रुपये तक चुकाने होंगे। इससे पहले यही कमरे 1200 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलते थे। जबकि सुक्खू सरकार के कार्यकाल से पहले इनका किराया महज 500 रुपये हुआ करता था।
आम लोगों को होगी दिक्कत
दिल्ली स्थित हिमाचल भवन में कमरा नंबर 405, 406, 407, 307, 308, 309 और 310 के किराये को 4000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, विली पार्क सर्किट हाउस के कुछ चयनित कमरों के लिए भी यही दर तय की गई है। चंडीगढ़ के हिमाचल भवन में भी कुछ कमरों की बुकिंग अब इसी बढ़ी हुई दर पर होगी।
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नेताओं और VIP पर मेहरबान हुए CM
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जहां आम लोगों के लिए किराया कई गुना बढ़ाया गया है। वहीं, VIP, विधायकों, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य प्रभावशाली वर्ग के लिए इस्तेमाल होने वाले कमरों के किराये में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इन कमरों का किराया अभी भी 1200 रुपये प्रतिदिन ही रखा गया है।
क्यों ठहरेगा कोई हिमाचल भवन में?
इस फैसले के बाद लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इतनी महंगी दरों पर कोई हिमाचल भवन में ठहरना क्यों पसंद करेगा। जब दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे शहरों में इससे कम कीमत पर बेहतर सुविधाओं वाले होटल आसानी से उपलब्ध हैं। ऐसे में सरकार की मंशा और इस फैसले की व्यवहारिकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
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सरकार का फैसला चर्चा में
उधर, पर्यटन क्षेत्र में भी सरकार के फैसले चर्चा में हैं। घाटे में चल रहे कई होटलों को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिस पर विरोध के स्वर भी उठे हैं। आर एस बाली, जो पर्यटन निगम के उपाध्यक्ष और कांग्रेस विधायक हैं, इस फैसले का खुलकर विरोध जता चुके हैं।
