कांगड़ा। कभी जिन हाथों को जुर्म से जोड़ा जाता था- आज वही हाथ मेहनत और हुनर से नई पहचान बना रहे हैं। धर्मशाला स्थित लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त सुधार गृह में सजा काट रहे कैदियों ने इतिहास रच दिया है।

जेल में कैदियों का कमाल

कैदियों ने बीते वित्तीय वर्ष में 1 करोड़ 42 लाख 55 हजार रुपये की कमाई कर एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में करीब 47 लाख रुपये अधिक है, जो कैदियों की बढ़ती दक्षता और मेहनत को दर्शाता है।

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एक साल में कमाए डेढ़ करोड़

जेल में संचालित 10 स्वरोजगार इकाइयों-कारपेंटरी, पॉलीहाउस, नर्सरी, बेकरी, टेलरिंग, लांड्री, कार वॉशिंग, डेयरी, सब्जी उत्पादन और बैंबू कैंटीन के जरिए अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक यह कारोबार किया गया। इन इकाइयों में कैदी अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर रहे हैं।

क्या काम करते हैं कैदी?

कोई कार वॉशिंग यूनिट में गाड़ियों को चमका रहा है, तो कोई डेयरी में पशुपालन कर दूध उत्पादन बढ़ा रहा है। वहीं, खेतों में सब्जियां उगाने से लेकर बेकरी उत्पाद तैयार करने और कैंटीन संचालन तक की जिम्मेदारी भी कैदियों ने संभाल रखी है।

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कहां इस्तेमाल होता है सामान?

कारपेंटरी यूनिट में तैयार फर्नीचर और उसकी मरम्मत की मांग लगातार बढ़ रही है। यहां तैयार फर्नीचर और अन्य सामग्री की सप्लाई टांडा मेडिकल कॉलेज, केंद्रीय विश्वविद्यालय, स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला कॉलेज और गृह रक्षा एवं नागरिक सुरक्षा जैसे संस्थानों तक हो रही है।

कैदियों में हुनर

जेल से रिहा होने के बाद भी यह हुनर कैदियों के जीवन को नई दिशा दे रहा है। कई पूर्व कैदी अब फास्ट फूड, हथकरघा, कारपेंटरी और कार वॉशिंग जैसे कार्यों के जरिए आत्मनिर्भर बन चुके हैं।

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खाली हाथ ना जाए कैदी

जेल अधीक्षक विकास भटनागर के अनुसार, प्रशासन का उद्देश्य यह है कि कैदी सजा पूरी करने के बाद खाली हाथ न जाएं, बल्कि उनके पास रोजगार का कौशल हो। इस दिशा में मिल रहे परिणाम काफी सकारात्मक हैं।

किस काम में कितनी कमाई?

अगर अलग-अलग इकाइयों के प्रदर्शन की बात करें तो डेयरी, बेकरी और कैंटीन सबसे आगे रही हैं। यहां देखें किस काम में कैदियों ने कितनी कमाई की-

  • डेयरी इकाई में 77 कैदियों ने काम करते हुए 22.43 लाख रुपये का कारोबार और करीब 6.50 लाख रुपये का मुनाफा कमाया।
  • कैंटीन में 144 कैदियों ने 43.79 लाख रुपये का कारोबार कर 6.24 लाख रुपये का लाभ अर्जित किया।
  • बेकरी यूनिट में 57 कैदियों ने 45.86 लाख रुपये का कारोबार कर 5.73 लाख रुपये का मुनाफा कमाया।
  • कार वॉशिंग से 8.34 लाख
  • सब्जी उत्पादन से 7.19 लाख
  • अन्य इकाइयों से करीब 15 लाख रुपये की आय हुई।

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