शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है और हर स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है।

पंचायत चुर्नाव की तैयारियां तेज

रोस्टर जारी होते ही राज्य निर्वाचन आयोग हिमाचल प्रदेश ने चुनावी तैयारियों को गति दे दी है। सभी जिलों के उपायुक्तों को विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। इस बार होने वाले पंचायत चुनावों को सुचारू और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बड़े स्तर पर प्रशासनिक तंत्र को मैदान में उतारा जाएगा।

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54 हजार कर्मचारियों की लगेगी ड्यूटी

आयोग के अनुसार, पूरे प्रदेश में करीब 54 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। इसमें प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी, विभिन्न विभागों के कार्मिक और सुरक्षा बल शामिल होंगे।

22 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र

राज्यभर में लगभग 22 हजार मतदान केंद्र (बूथ) स्थापित किए जाएंगे- ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं को मतदान के लिए अधिक दूरी तय न करनी पड़े। हर पंचायत में मतदान केंद्रों की व्यवस्था स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

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हर बूथ पर 7–8 कर्मचारियों की तैनाती

निर्देशों के अनुसार, हर एक मतदान केंद्र पर 7 से 8 कर्मचारियों और अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें प्रेक्षक, प्रिसाइडिंग अधिकारी, पोलिंग अधिकारी और सुरक्षा कर्मी शामिल रहेंगे। इन सभी को चुनाव प्रक्रिया, evm/मतदान व्यवस्था और आचार संहिता से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी जाएगी- ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

तीन चरणों में होंगे चुनाव

चुनाव को चरणबद्ध तरीके से कराने का फैसला लिया गया है। पहला चरण 25 मई को आयोजित होगा, जबकि दूसरा और तीसरा चरण तय कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किए जाएंगे। अंतिम यानी तीसरा चरण 28 मई तक पूरा करने की योजना है। इससे प्रशासन को हर चरण के बाद समीक्षा करने और सुधार करने का समय भी मिलेगा।

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संवेदनशील बूथों पर विशेष नजर

आयोग ने उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखें। ऐसे क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से रणनीति तैयार की जाएगी।

तैयारियों की लगातार समीक्षा

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिलास्तर पर बूथों की स्थिति, कर्मचारियों की तैनाती, लॉजिस्टिक्स और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा की जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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सभी जिलों को निर्देश जारी

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना आयोग की प्राथमिकता है। सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं और तैयारियों की मॉनिटरिंग लगातार की जा रही है।

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