शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी भर्तियों को लेकर एक बार फिर हाईकोर्ट का कड़ा रुख सामने आया है। हिमाचल हाईकोर्ट ने संगीत शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए सुक्खू सरकार से जवाब तलब किया है। अदालत ने भर्ती से जुड़े प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया है।

संगीत शिक्षकों की भर्ती पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

मामला हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग की ओर से निकाली गई म्यूजिक टीचर भर्ती से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया है कि आगामी आदेशों तक इस भर्ती विज्ञापन के तहत बची हुई रिक्त सीटों को नहीं भरा जाए। यानी फिलहाल भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर रोक रहेगी। इस आदेश के बाद संगीत शिक्षक के पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की नजर अब हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है।

 

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टेट को लेकर उठे सवाल

पूरे मामले की जड़ शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET की अनिवार्यता से जुड़ी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में दलील दी गई कि हिमाचल प्रदेश में संगीत विषय के लिए अलग से टेट परीक्षा आयोजित ही नहीं की जाती। इसके बावजूद भर्ती प्रक्रिया में ऐसे अभ्यर्थियों के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा रहे हैं, जिन्होंने दूसरे राज्य से संगीत विषय में TET उत्तीर्ण किया है।

 

याचिकाकर्ता विभाती शर्मा का आवेदन भी इसी आधार पर खारिज किया गया। उनके पास पंजाब राज्य का TET प्रमाणपत्र था। उनका कहना है कि जब हिमाचल में संगीत विषय के लिए TET आयोजित ही नहीं होता, तो दूसरे राज्य से प्राप्त पात्रता परीक्षा के प्रमाणपत्र को मान्यता न देने का आधार क्या है, इस पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

 

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सुक्खू सरकार से तीन सप्ताह में जवाब मांगा

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने राज्य सरकार को तीन सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में बची हुई सीटों को आगामी आदेश तक नहीं भरने के निर्देश दिए गए हैं। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब सरकार को भर्ती के नियमों, TET की अनिवार्यता और दूसरे राज्यों से TET उत्तीर्ण अभ्यर्थियों की पात्रता को लेकर अपना पक्ष अदालत के सामने रखना होगा।

9 अप्रैल को जारी हुआ था भर्ती विज्ञापन

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने 9 अप्रैल 2026 को म्यूजिक टीचर के पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसमें पोस्ट कोड 26021 के तहत पदों को भरा जाना था। भर्ती नियमों में हिमाचल प्रदेश बोर्ड से मान्यता प्राप्त TET उत्तीर्ण होना अनिवार्य शर्त रखी गई थी। इसी शर्त के आधार पर दूसरे राज्य से TET पास करने वाले कुछ अभ्यर्थियों के आवेदन विवाद के घेरे में आ गए।

 

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अब 28 सितंबर को होगी अगली सुनवाई

इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति ज्योत्सना रिवाल दुआ की पीठ के समक्ष हुई। इससे पहले मामले में न्यायमूर्ति अजय मोहन गोयल और न्यायमूर्ति योगेश जसवाल की खंडपीठ के समक्ष भी कार्यवाही हो चुकी है। अब मामले की अगली सुनवाई 28 सितंबर को होगी। उस दिन सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि संगीत शिक्षकों की भर्ती को लेकर आगे की प्रक्रिया किस दिशा में जाएगी।

अभ्यर्थियों की निगाहें हाईकोर्ट के अगले आदेश पर

हाईकोर्ट के इस आदेश से उन अभ्यर्थियों को फिलहाल राहत की उम्मीद जगी है, जो TET की पात्रता को लेकर भर्ती प्रक्रिया में बाहर किए जाने का विरोध कर रहे हैं। हालांकि भर्ती पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। अदालत के आगामी आदेश और सरकार के जवाब के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। फिलहाल हाईकोर्ट की रोक के चलते संगीत शिक्षकों की भर्ती में बची हुई सीटों पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकेगी। अब सबकी नजर 28 सितंबर की सुनवाई और सुक्खू सरकार के जवाब पर रहेगी।

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