शिमला। हिमाचल प्रदेश में राम मंदिर चढ़ावा विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने अपना आंदोलन और तेज करने का फैसला लिया है। मंगलवार को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों में कांग्रेस कार्यकर्ता राम मंदिरों में भजन-कीर्तन करेंगे, भाजपा को 'सद्बुद्धि' देने की प्रार्थना करेंगे और लोगों के बीच जाकर कथित चढ़ावा चोरी के मामले को उठाएंगे।
जिला अध्यक्षों को जारी किए गए निर्देश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सभी जिला कांग्रेस अध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं कि अपने-अपने जिला मुख्यालयों के प्रभु श्रीराम मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन करें। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को कथित चढ़ावा चोरी के मामले और पार्टी के आरोपों की जानकारी दी जाएगी।
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कांग्रेस ने लगाए गंभीर आरोप
विनय कुमार ने आरोप लगाया कि इस कथित मामले से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस इस मुद्दे को तब तक उठाती रहेगी, जब तक मामले के वास्तविक दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती और कथित रूप से दानपात्र से लिया गया पैसा वापस नहीं किया जाता।
श्वेत पत्र जारी करने की मांग
कांग्रेस ने राम मंदिर निर्माण के लिए अब तक मिले चंदे और उसके खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की भी मांग की है। पार्टी का कहना है कि सरकार और संबंधित पक्षों को इस पूरे मामले पर श्वेत पत्र जारी करना चाहिए, ताकि लोगों के सामने पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सके।
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शिमला में निकलेगी विरोध रैली
जिला कांग्रेस कमेटी शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष हरिकृष्ण हिमराल ने बताया कि शिमला में कांग्रेस मुख्यालय से राम मंदिर तक विरोध रैली निकाली जाएगी। इसके बाद मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन होगा और भाजपा को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की जाएगी। साथ ही लोगों को कांग्रेस के आरोपों और पूरे मामले की जानकारी दी जाएगी।
पहले भी मंदिर पहुंचे थे मुख्यमंत्री
इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू भी अपने मंत्रिमंडल के साथ शिमला के राम मंदिर में पूजा-अर्चना कर चुके हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लगातार राजनीतिक और जनसंपर्क अभियान के जरिए उठाती आ रही है।
