चंबा। हिमाचल प्रदेश में मानसून शुरू होते ही भूस्खलन और बाढ़ का खतरा बढ़ जाता है। हर साल कई जगहों पर पहाड़ दरकने से लोगों की जान-माल का नुकसान होता है। इस बार चंबा जिले का बलोठ गांव भी भारी लैंडस्लाइड की चपेट में है। यहां लगातार दरक रही पहाड़ी ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि लोग हर पल किसी बड़े हादसे के डर में जी रहे हैं।
बरसात शुरू होते ही फिर सक्रिय हुई दरकती पहाड़ी
बलोठ पंचायत के क्रूटू सेरी घार इलाके में कई सालों से भूस्खलन हो रहा है। जैसे ही बारिश शुरू होती है, पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर गिरने लगते हैं। इससे आसपास के गांवों के लोगों के साथ-साथ इस रास्ते से गुजरने वाले राहगीरों की मुश्किलें भी बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
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ग्रामीणों की परेशानी लेकर DC के पास पहुंचे प्रधान
लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए पंचायत प्रधान अशोक कुमार ग्रामीणों की समस्या लेकर उपायुक्त (DC) चंबा के पास पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से जल्द कार्रवाई करने और गांव को इस खतरे से बचाने की मांग की है।
सैकड़ों लोगों की आवाजाही पर मंडरा रहा खतरा
प्रधान अशोक कुमार ने बताया कि विकास खंड मैहला की ग्राम पंचायत बलोठ के अंतर्गत आने वाले क्रूटू सेरी क्षेत्र में कई वर्षों से लगातार भूस्खलन हो रहा है। इसकी वजह से दर्जनों गांवों को जोड़ने वाला मुख्य रास्ता, एंबुलेंस योग्य सड़क और अन्य संपर्क मार्ग प्रभावित हो रहे हैं। इसका असर रोजाना आने-जाने वाले सैकड़ों ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, मरीजों और पशुपालकों पर पड़ रहा है। लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
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समय रहते कदम नहीं उठाए तो हो सकता है बड़ा हादसा
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लगातार दरक रही पहाड़ी कभी भी बड़ी तबाही का कारण बन सकती है, इसलिए प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेने की जरूरत है।
सुरक्षा दीवार और पौधारोपण की उठाई मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भूस्खलन रोकने के लिए पहाड़ी के दोनों ओर सुरक्षा दीवार बनाई जाए। इसके अलावा मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए वन विभाग के माध्यम से पौधारोपण कराया जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़कों और रास्तों की जल्द मरम्मत कर उन्हें बहाल करने के लिए आवश्यक बजट भी जारी किया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
