चंबा। हिमाचल प्रदेश में इस बारिश जमकर कहर बरपा रही है। प्रदेश के हर जिले में बारिश काफी तबाही मचा रही है। चंबा जिला भी मूसलधार बारिश के कारण आपदा की चपेट में है। बीते शनिवार रात को बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
मणिमहेश यात्रा पर असर
सुंदराशि क्षेत्र में बादल फटने से नाले में अचानक पानी का तेज बहाव आ गया। इसके चलते मणिमहेश यात्रा बाधित हो गई। श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुरक्षित जगहों पर रोका गया है।डलहौजी मार्ग तलाई और महल के पास भी बादल फटने से नाले उफान पर हैं। महल के पास बहता गंदा और दलदलयुक्त पानी कई घरों के अंदर घुस गया, जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं।
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बादल फटने का असर
पर्यटन स्थल डलहौजी से महज 6 किलोमीटर दूर लिंक रोड तलाई पर बादल फटने की घटना हुई। बड़े-बड़े पेड़ पानी के तेज बहाव के साथ नीचे आ गिरे हैं। इन्हें हटाने के लिए मशीनरी लगाई गई है। राहत की बात यह है कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
HRTC की वॉल्वो बस बाल-बाल बची
बारिश के बीच दोपहर को दिल्ली से चंबा आ रही HRTC की वॉल्वो बस एक बड़े हादसे से बची। बस जैसे ही पटना मोड़, बाथरी के पास पहुंची, उसी समय ऊपर से भारी भूस्खलन और चीड़ के पेड़ नीचे आ गिरे। गनीमत रही कि बस वहां से निकल चुकी थी, वरना कई जानें जोखिम में पड़ सकती थीं।
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हर सड़क पर भूस्खलन
चंबा जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली लगभग हर सड़क पर भूस्खलन हो रहा है। जगह-जगह मलबा और टूटे पेड़ सड़कें जाम कर रहे हैं। जुलाहकड़ी के पास बाइक सवार भी भूस्खलन की चपेट में आते-आते बचा। वहीं, NH-154A चंबा-पठानकोट मार्ग पर केरु पहाड़ी के पास लगातार भूस्खलन जारी है। रास्ते को खोलने के लिए विभाग ने भारी मशीनरी लगाई है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में बाधा डाल रही है।
