शिमला। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब साइबर वॉर का खतरा भी मंडराने लगा है। पाकिस्तान की ओर से भारतीय संस्थानों और नागरिकों पर साइबर अटैक की कोशिशें तेज़ हो गई हैं। इसी कड़ी में अब "डांस ऑफ द हिलेरी" नाम का एक मैलवेयर वायरस तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैलाया जा रहा है।
व्हाट्सऐप, फेसबुक, टेलिग्राम पर फैलाया जा रहा वायरस
साइबर सेल के मुताबिक, यह वायरस खासतौर पर व्हाट्सऐप, फेसबुक और टेलिग्राम जैसे ऐप्स के जरिए लोगों तक पहुँचाया जा रहा है। इसे वीडियो या डॉक्यूमेंट के रूप में भेजा जा रहा है। नाम भले ही "डांस ऑफ द हिलेरी" हो, लेकिन इसका किसी डांस से कोई लेना-देना नहीं है। ये एक ट्रोजन वायरस है, जो वीडियो या डॉक्यूमेंट खोलते ही आपके फोन में पर्सनल, बैंकिंग और संवेदनशील डेटा को चुरा सकता है।
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बिना जानकारी के फोन में इंस्टॉल हो जाता है वायरस
जैसे ही यूजर इस संदिग्ध वीडियो या डॉक्यूमेंट को खोलता है, यह वायरस बैकग्राउंड में काम करना शुरू कर देता है। इससे हैकर्स को यूजर के फोन पर रिमोट एक्सेस मिल जाता है, जिससे न केवल डेटा चोरी होती है, बल्कि डिवाइस को भी नुकसान पहुंच सकता है। यूजर को इसकी भनक तक नहीं लगती।
डीआईजी साइबर क्राइम की चेतावनी और सुझाव
डीआईजी साइबर क्राइम मोहित चावला ने बताया कि यदि कोई भी संदिग्ध फाइल अनजान नंबर से आती है, तो उसे बिल्कुल न खोलें। उन्होंने सलाह दी कि
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व्हाट्सऐप पर ऑटो-डाउनलोड का ऑप्शन बंद रखें
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किसी अनजान लिंक या फाइल पर क्लिक न करें
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EXE फॉर्मेट वाली फाइल्स से रहें सावधान
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डिवाइस के पासवर्ड्स को मजबूत बनाएं
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कोई संदिग्ध गतिविधि हो तो साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत संपर्क करें
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साइबर वॉर की तैयारी में भारत को सतर्क रहना होगा
"डांस ऑफ द हिलेरी" जैसे वायरस भारत के साइबर डिफेंस सिस्टम को चुनौती दे रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों का सजग रहना उतना ही जरूरी है, जितना सेना का सीमाओं पर मुस्तैद रहना।
