मंडी। फटाफट घर आ जाओ...हमारी बेटी सिया को काट दिया है। ये शब्द उस मां के थे, जिसकी 19 वर्षीय बेटी सिया को एक सिरफिरे ने बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। मंडी जिले की रहने वाली सिया के पिता, जो बद्दी में ट्रक चालक हैं, रोज़ की तरह काम पर थे। बेबस पिता के कानों में आज भी अपनी पत्नी की वो रूह कंपा देने वाली चीख गूंज रही है।
पिता ने सोचा भी नहीं था कि पत्नी का फोन उनकी जिंदगी का सबसे काला संदेश लेकर आएगा। पत्नी का फोन उठाते ही दूसरी तरफ से पत्थर को भी पिघला देने वाली आवाज आई फटाफट घर आ जाओ, हमारी बेटी सिया को काट दिया है! 19 वर्षीय जवान बेटी की नृशंस हत्या की खबर सुनते ही पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई और खुशियों भरा संसार पल भर में उजड़ गया।
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बेटी का शव देख बेहोश हुई मां
मृतक सिया के पैतृक गांव नैण में मंगलवार को जब बेटी का शव पहुंचा, तो कोहराम मच गया। मां अपनी लाडली के पार्थिव शरीर को देख बार-बार बेहोश हो रही थी। आज मंगलवार सुबह 10 बजे भारी सुरक्षा और गमगीन माहौल के बीच सिया का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सरकाघाट के विधायक दिलीप सिंह, प्रशासनिक अधिकारी और विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे। पूरा इलाका "सिया को न्याय दो" के नारों से गूंज उठा।
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बस सेवा बंद ना होती तो जिंदा होती सिया
बता दें कि सिया रोज़ाना की तरह घर से निकली थी। गांव से बस सेवा बंद होने के कारण उसे पैदल ही रास्ता तय करना पड़ता था। परिजनों के मुताबिक, सुबह करीब सवा नौ बजे के आसपास यह दर्दनाक घटना घटी। सिया के साथ जाने वाली एक अन्य लड़की से भी बात हुई थी, जिसने बताया कि वह रास्ते में ही थी। इसी दौरान एक सिरफिरे ने सिया पर हमला कर उसका गला काट दिया।
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गांव के लोगों ने इस घटना के लिए सुक्खू सरकार और उसकी परिवहन व्यवस्था को भी जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले गांव में तीन बसें चलती थीं, लेकिन पिछले तीन महीनों से बस सेवा बंद है। अगर बसें चल रही होतीं, तो सिया को पैदल नहीं जाना पड़ता और शायद आज वह ज़िंदा होती। इस मुद्दे को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
मामले में गरमाई सियासत
घटना की सूचना मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपना धर्मशाला का दौरा रद्द कर सीधे नेरचौक मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पीड़ित पिता के आंसू पोंछते हुए उन्होंने प्रदेश की कानून.व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार नशेड़ियों और अपराधियों के सामने पंगु बन चुकी है। सरकार मैराथन और आयोजनों में व्यस्त है, जबकि धरातल पर बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। इस हत्याकांड की गहनता से जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल हर चेहरे को बेनकाब किया जाए।
सीएम सुक्खू बोले परिवार को दिलाएंगे न्याय
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का बयान भी सामने आया हैै। सरकाघाट कॉलेज छात्रा हत्याकांड पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पीड़ित छात्रा के परिवार को न्याय दिलाया जाएगा। मामले की जांच में कोई कमी नहीं रहेगी। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसे कड़ी सजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा। कहा कि हिमाचल जैसे शांत प्रदेश में इस तरह की घटना निंदनीय है।
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न्याय की मांग के साथ उठे कई सवाल
यह हृदयविदारक घटना न सिर्फ एक परिवार को तोड़ गईए बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। सुरक्षा व्यवस्था, परिवहन सुविधाओं और कानून.व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोग एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रशासन से त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
