#राजनीति
April 14, 2026
हिमाचल में पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस ने बुलाई अहम बैठक, रोस्टर के बाद गरमाई सियासत
पंचायत चुनाव से पहसे सियासी हलचल तेज
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शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक बार फिर सियासी हलचल तेज होने जा रही है। पंचायतीराज संस्थाओं के लिए रोस्टर जारी होने के बाद राजनीतिक गतिविधियां पहले ही रफ्तार पकड़ चुकी थीं।
अब प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अपनी आम सभा (जनरल हाउस) की पहली बैठक की तारीख तय कर इस माहौल को और गर्म कर दिया है। यह अहम बैठक 16 अप्रैल को राजीव भवन में आयोजित होगी, जिस पर राजनीतिक गलियारों की नजरें टिक गई हैं।
दरअसल, प्रदेश कांग्रेस संगठन के हालिया पुनर्गठन के बाद यह पहली बड़ी बैठक होने जा रही है। ऐसे में इसे पार्टी के भीतर दिशा और नेतृत्व तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार करेंगे, जबकि इसमें शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी इसे और ज्यादा अहम बना रही है।
बैठक में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश मामलों की प्रभारी और सांसद रजनी पाटिल समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। इसके अलावा सह प्रभारी चेतन चौहान और विदित चौधरी की उपस्थिति भी इस बैठक को रणनीतिक दृष्टि से और ज्यादा महत्वपूर्ण बना रही है।
पार्टी के संगठन महामंत्री विनोद जिंटा ने बैठक की तैयारियों का जायजा लेते हुए वरिष्ठ नेताओं के साथ विस्तृत मंथन किया और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। संकेत साफ हैं कि यह बैठक केवल औपचारिकता नहीं होगी, बल्कि आने वाले समय की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
यह बैठक दो सत्रों में आयोजित की जाएगी। पहले सत्र में संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी- जहां कार्यकारिणी सदस्य, जिला अध्यक्ष और विभिन्न अग्रणी संगठनों के प्रमुख अपनी-अपनी बात रखेंगे। इस दौरान संगठन की मजबूती, जमीनी स्तर पर पकड़ और आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर फीडबैक लिया जाएगा।
वहीं, दूसरे सत्र में राजनीतिक हालात पर गहन रणनीतिक मंथन किया जाएगा, जिसमें पीएसी (पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी) के सदस्य शामिल होंगे। इस चरण में प्रदेश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, विपक्ष की रणनीति और पंचायत चुनावों से पहले पार्टी की भूमिका को लेकर ठोस योजना तैयार की जा सकती है।
इस बैठक में प्रदेश मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, PCC कार्यकारिणी, जिला अध्यक्षों और संगठन के अन्य प्रमुख पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है। ऐसे में यह मंच न केवल संगठन की मजबूती की परीक्षा बनेगा, बल्कि भविष्य की राजनीतिक रणनीति का खाका तैयार करने का भी केंद्र होगा।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पंचायत चुनावों से ठीक पहले होने वाली इस अहम बैठक में पार्टी कौन से बड़े फैसले लेती है। साथ ही किस तरह अपनी राजनीतिक रणनीति को धार देती है।