शिमला। मां से मिलने की तड़प में मुख्यमंत्री के सामने फूट-फूटकर रो पड़ी पांचवीं कक्षा की एक मासूम बच्ची के आंसू आखिरकार रंग ले आए। जिस मां से मिलने के लिए बेटी को करीब 700 किलोमीटर की दूरी का दर्द सहना पड़ रहा था, अब वह मां उसके पास ही रहेगी। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चंबा दौरे के दौरान बच्ची से उसकी मां को घर के नजदीक तैनात करने का जो वादा किया था, उसे महज 24 घंटे के भीतर पूरा कर दिया।
बच्ची की भावुक फरियाद के बाद शिक्षा विभाग ने उसकी मां के अंतर जिला तबादले के आदेश जारी कर दिए। इस खबर के सामने आते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। अब वंशिका को मां के बिना रहने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी। जिस बच्ची ने मुख्यमंत्री के सामने आंसुओं के साथ अपनी बात रखी थी, उसके चेहरे पर अब मां के साथ रहने की खुशी लौट आई है।
बच्ची ने सीएम सुक्खू को सुनाया था मां से दूर रहने का दर्द
यह भावुक मामला चंबा जिले की पांचवीं कक्षा की छात्रा वंशिका ठाकुर से जुड़ा है। बुधवार को चंबा जिले के देहग्रां में आयोजित 'सरकार गांव के द्वार' कार्यक्रम के दौरान वंशिका मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिली थी। मुख्यमंत्री के सामने पहुंचते ही बच्ची अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाई और उनसे लिपटकर रोने लगी। उसने मुख्यमंत्री को बताया कि उसकी मां नारो देवी शिमला जिले के नेरवा में नौकरी करती हैं, जबकि वह अपने पिता और भाई के साथ चंबा में रहती है। मां की तैनाती घर से करीब 700 किलोमीटर दूर होने के कारण उसे लंबे समय से मां के बिना रहना पड़ रहा है। बच्ची ने रोते हुए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई कि उसकी मां का तबादला चंबा में करवा दिया जाए, ताकि वह उनके साथ रह सके।
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CM ने बच्ची को दिया था भरोसा
वंशिका की परेशानी सुनने के बाद मुख्यमंत्री सुक्खू ने उसे भरोसा दिलाया था कि उसकी मां को घर के नजदीक तैनात करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। मुख्यमंत्री के इस आश्वासन के बाद बच्ची को उम्मीद बंधी थी कि अब उसे मां से दूर नहीं रहना पड़ेगा। इसके बाद शिक्षा विभाग ने मामले में कार्रवाई की और मुख्यमंत्री के आश्वासन के करीब 24 घंटे के भीतर गुरुवार को तबादले के आदेश जारी कर दिए। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने पांच प्रतिशत स्थानांतरण नीति के तहत नारो देवी के अंतर जिला तबादले को मंजूरी दी। इस तरह एक मासूम बच्ची की भावुक अपील पर उसकी मां को घर के नजदीक तैनाती मिल गई।
नेरवा से तीसा के चंडरू स्कूल भेजी गईं मां
तबादला आदेशों के अनुसार जेबीटी शिक्षिका नारो देवी पहले शिमला जिले के शिक्षा खंड नेरवा की राजकीय प्राथमिक पाठशाला सोवल में तैनात थीं। अब उन्हें चंबा जिले के शिक्षा खंड तीसा की राजकीय प्राथमिक पाठशाला चंडरू में नियुक्त किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि पांच प्रतिशत स्थानांतरण नीति के तहत प्रतिबंध में छूट देकर यह अंतर जिला तबादला किया गया है। करीब दो वर्षों से मां से दूर रह रही वंशिका के लिए यह आदेश किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।
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खिल उठा वंशिका का चेहरा
तबादले के आदेश जारी होते ही वंशिका की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिस मां को अपने पास बुलाने के लिए वह मुख्यमंत्री के सामने रो पड़ी थी, अब वह जल्द ही उसके साथ रह सकेगी। वंशिका ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अंकल ने उससे जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिया है। अब उसे अकेले नहीं रहना पड़ेगा और वह अपनी मां के साथ रह पाएगी। मां की मौजूदगी में वह अपनी पढ़ाई पर भी बेहतर तरीके से ध्यान दे सकेगी।
IPS बनने का सपना देखती है वंशिका
वंशिका के सपने भी काफी बड़े हैं। उसने मुख्यमंत्री को बताया था कि वह जवाहर नवोदय विद्यालय में पढ़ना चाहती है और भविष्य में आईपीएस अधिकारी बनना उसका लक्ष्य है। उसके पिता गिरीश कुमार किसान हैं और वंशिका अपने भाई के साथ गांव में पिता के पास रहती थी। मां की दूरी के कारण परिवार को बच्चों की परवरिश और पढ़ाई से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। अब मां के चंबा में तैनात होने से परिवार को काफी राहत मिलेगी। वंशिका को भी अपनी पढ़ाई और भविष्य की तैयारियों के लिए मां का साथ मिल सकेगा।
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मां ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
नारो देवी ने तबादले के आदेश जारी होने पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक छोटी बच्ची की परेशानी और उसकी भावनाओं को समझते हुए इतनी जल्दी राहत प्रदान की है। लंबे समय से बच्चों से दूर रहने के कारण उन्हें भी काफी परेशानी होती थी। अब चंबा में तैनाती मिलने से वह अपने बच्चों के साथ रह सकेंगी और उनकी पढ़ाई व परवरिश पर बेहतर तरीके से ध्यान दे पाएंगी।
