शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने गांवों में विकास कार्यों को और बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जिला परिषदों के अधीन आने वाली ग्राम पंचायतों के लिए 280 जॉब ट्रेनी टेक्निकल असिस्टेंट नियुक्त करने का फैसला लिया गया है।

पंचायतों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्राम पंचायतों को सिर्फ योजनाएं लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि गांवों के विकास की दिशा तय करने वाला मजबूत केंद्र बनाना चाहती है। उनका कहना है कि पंचायतों में तकनीकी व्यवस्था मजबूत होगी तो विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही भी बेहतर होगी।

 

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विकास कार्यों की निगरानी करेंगे टेक्निकल असिस्टेंट

नियुक्त किए जाने वाले टेक्निकल असिस्टेंट ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की तकनीकी निगरानी करेंगे। इसके अलावा वे विभिन्न विकास योजनाओं की बेहतर प्लानिंग में भी मदद करेंगे। जरूरत पड़ने पर पंचायतों को तकनीकी सलाह देंगे और यह सुनिश्चित करने में सहयोग करेंगे कि विकास कार्य सही तरीके और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरे हों।

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में आएगा सुधार

सरकार का मानना है कि पंचायत स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञों की मौजूदगी से विकास कार्यों में होने वाली कमियों को दूर किया जा सकेगा। इससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होगी और योजनाओं को जमीन पर लागू करने में भी तेजी आएगी।

 

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युवाओं को रोजगार और गांवों को बेहतर विकास व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फैसला एक साथ दो महत्वपूर्ण उद्देश्यों को पूरा करेगा। इससे जहां युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं ग्राम पंचायतों में विकास व्यवस्था भी मजबूत होगी। सरकार को उम्मीद है कि टेक्निकल असिस्टेंट की नियुक्ति से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास योजनाओं का काम और तेजी से और बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा।