शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौकरी पाने का मौका मिलने जा रहा है। शिक्षा विभाग ने 151 सरकारी CBSE स्कूलों में अलग-अलग पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग ने संबंधित निगम को प्रस्ताव भेज दिया है।
किन पदों पर होगी भर्ती
शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, सरकारी स्कूलों में आया, खानपान पर्यवेक्षक, परामर्शदाता सह कल्याण अधिकारी, योग शिक्षक, चौकीदार और सफाई कर्मचारी के पद भरे जाएंगे। इन सभी श्रेणियों में 151-151 पद रखे गए हैं। इसके अलावा हर स्कूल में तीन बहुउद्देशीय कर्मचारी भी रखे जाएंगे। इनके कुल 453 पद होंगे। इस तरह सभी पदों को मिलाकर कुल 1,359 कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।
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कितना मिलेगा मानदेय ?
इन पदों पर रखे जाने वाले कर्मचारियों को हर महीने 5,000 रुपये से लेकर 25,000 रुपये तक मानदेय दिया जाएगा। कर्मचारियों से स्कूलों में बच्चों की देखभाल, खानपान की व्यवस्था, स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े काम करवाए जाएंगे। इसके अलावा स्कूलों के दूसरे जरूरी कामों में भी उनकी सेवाएं ली जाएंगी।
क्या होगी आयु सीमा ?
इन पदों के लिए अभ्यर्थियों की उम्र 18 से 45 साल के बीच तय की गई है। भर्ती केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के नियमों के तहत होगी। हालांकि, अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और चयन प्रक्रिया की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। इसके लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक भर्ती अधिसूचना का इंतजार करना होगा।
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भर्ती के लिए निगम को भेजा प्रस्ताव, आवेदन की तारीख का इंतजार
शिक्षा विभाग ने भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन को प्रस्ताव भेज दिया है। अब भर्ती से जुड़ी अगली प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार है। फिलहाल आवेदन की तारीख, फॉर्म भरने का तरीका और पदों के हिसाब से योग्यता की आधिकारिक जानकारी जारी नहीं हुई है। ऐसे में नौकरी के इच्छुक युवाओं को सलाह है कि आवेदन करने से पहले भर्ती से जुड़ा आधिकारिक नोटिस जरूर जांच लें।
सरकारी स्कूलों में अब नहीं लगेगी व्यावसायिक कोर्स की प्रैक्टिकल फीस
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को राहत मिली है। अब व्यावसायिक शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों से प्रैक्टिकल फीस नहीं ली जाएगी। शिक्षा विभाग के इस फैसले से विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को फायदा होगा। पहले नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों से हर महीने 3 रुपये, जबकि 11वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों से 11 रुपये फीस ली जाती थी। अब व्यावसायिक शिक्षा निशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी।
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अगले सत्र से स्कूलों में सिक्योरिटी कोर्स होगा बंद
शिक्षा विभाग के अनुसार, अगले शैक्षणिक सत्र से 151 सरकारी CBSE स्कूलों में सिक्योरिटी ट्रेड बंद कर दिया जाएगा। इस ट्रेड में पढ़ रहे नौवीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को स्कूलों में चल रहे दूसरे ट्रेडों में स्थानांतरित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।
टेलीकॉम और प्लंबिंग की जगह शुरू होंगे नए ट्रेड
सरकारी CBSE स्कूलों में व्यावसायिक कोर्सों में भी बदलाव किया जाएगा। टेलीकॉम ट्रेड की जगह इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड शुरू होगा, जबकि प्लंबिंग की जगह जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी ट्रेड पढ़ाया जाएगा। विभाग के अनुसार, इन बदलावों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।
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फीस वसूलने पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि विद्यार्थियों से व्यावसायिक शिक्षा की प्रैक्टिकल फीस नहीं ली जाएगी। अगर इसके बावजूद किसी स्कूल में विद्यार्थियों से फीस वसूली जाती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा बिना अतिरिक्त फीस के उपलब्ध करवाना है।
