#विविध
October 17, 2026
सुक्खू सरकार का बड़ा कदम: महिलाओं को 1500 रुपए-300 यूनिट फ्री बिजली योजना में जुड़ेगे कई और नाम
10वें चरण के सर्वे में मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना से जुड़ेंगे छूटे परिवार
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य के अति.निर्धन और जरूरतमंद परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपए और 300 यूनिट फ्री बिजली देने को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार ने 'मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार' योजना के दायरे को और अधिक व्यापक बनाने का निर्णय लिया है।
जो परिवार अब तक किसी कारणवश इस महत्वकांक्षी योजना के नौवें चरण तक के सर्वे में शामिल होने से वंचित रह गए थे, अब उनके लिए इस योजना से जुड़ने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। सुक्खू सरकार ने छूटे हुए सभी पात्र परिवारों को राहत देने के लिए 10वें चरण (10th Phase) का नया सर्वे शुरू कर दिया है, जिससे हजारों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
यह भी पढ़ें : CM सुक्खू ने JP नड्डा को दिया जवाब... बोले- केंद्र की बंदिशों के बाद भी अपने पैरों पर खड़ा है हिमाचल
योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। इसके अलावा पात्र परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ भी मिल सकता है। सरकार का उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद परिवारों की पहचान करना है, जो निर्धारित पात्रता पूरी करने के बावजूद अब तक योजना के दायरे से बाहर हैं।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में अपने मंडी दौरे के दौरान एक विशाल जनसभा में इस बात का ऐलान किया था कि सरकार उन परिवारों को भी इस योजना के दायरे में लाएगी जिनकी सालाना आय 75 हजार रुपये से कम है, लेकिन जिन्होंने साल में एक भी दिन मनरेगा (MGNREGA) के तहत काम नहीं किया है। सरकार अब इसी घोषणा को धरातल पर उतारने के लिए 10वें चरण का सर्वे शुरू करने जा रही है। इस सर्वे के पूरा होने के बाद उन परिवारों को भी पात्रता के आधार पर हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता और 300 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी बड़ी सौगात मिलने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें : कुल्लू दशहरे से पहले हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, इन देवता को नहीं मिलेगा निमंत्रण और सुविधाएं; जानें क्यों
इस योजना की लोकप्रियता और इसके व्यापक प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इससे पहले हुए आठ चरणों के सर्वे में 1.78 लाख परिवारों को सफलतापूर्वक जोड़ा जा चुका है। इसके बाद, हाल ही में संपन्न हुए नौवें चरण के सर्वे में प्रदेशभर से 1.05 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से दस्तावेजों की गहन जांच और पारदर्शी सत्यापन के बाद 90 हजार से अधिक परिवारों को योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया है, जबकि शेष बचे परिवारों को भी जल्द ही इस सूची में जोड़ दिया जाएगा। अब 10वें चरण के शुरू होने से उन लोगों की उम्मीदें भी जाग उठी हैं, जो किन्हीं कारणों से पीछे छूट गए थे।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: नशा बेच खड़ा किया करोड़ों का साम्राज्य, पुलिस ने कर लिया सब जब्त; डेढ़ करोड़ से अधिक है कीमत
दसवें चरण के सर्वे में पात्र परिवारों की पहचान होने के बाद महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सहायता और 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ देने का दायरा बढ़ सकता है। हालांकि, किन परिवारों को इन सुविधाओं का लाभ मिलेगा और इसके लिए क्या शर्तें लागू होंगी, यह अंतिम दिशा-निर्देशों और सरकारी अधिसूचना से स्पष्ट होगा।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी गाइडलाइन तैयार कर ली है। इसमें पात्रता, सहायता राशि के वितरण, मुफ्त बिजली के लाभ और भविष्य में अपात्र पाए जाने वाले परिवारों को योजना से बाहर करने जैसे प्रावधान शामिल हैं। अब अंतिम मंजूरी और अधिसूचना के बाद योजना के अगले चरण की प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के सचिव सी. पालरासू के अनुसार, योजना में छूटे हुए पात्र परिवारों को शामिल करने के लिए दसवें चरण का सर्वे किया जाएगा। उन्होंने बताया कि भविष्य में अपात्र पाए जाने वाले परिवारों को योजना से बाहर करने के लिए भी दिशा-निर्देश तैयार किए गए हैं।