बद्दी (सोलन)। हिमाचल प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। भ्रष्टाचार की जड़ें सरकारी व्यवस्था में किस हद तक फैल चुकी हैं, इसका एक और मामला सोलन जिले के बद्दी से सामने आया है। यहां वन विभाग से जुड़ी एक फाइल को आगे बढ़ाने के एवज में कथित तौर पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया, जिसके बाद स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए वन विभाग के बीओ सतीश और नरेश नामक व्यक्ति को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ लिया।

 

बताया जा रहा है कि खैर कटान की अनुमति से संबंधित प्रक्रिया के दौरान ठेकेदार से कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने पूरी योजना तैयार की और तय रणनीति के तहत कार्रवाई को अंजाम दिया।

बीओ ने खुद लेने के बजाय दूसरे व्यक्ति को देने को कहा

शिकायत के अनुसार ठेकेदार खैर कटान की अनुमति लेने के लिए संबंधित विभागीय प्रक्रिया पूरी कर रहा था। इसी दौरान उससे कथित तौर पर रिश्वत मांगी गई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बीओ सतीश ने रकम स्वयं लेने के बजाय नरेश नामक व्यक्ति को देने के लिए कहा। विजिलेंस को शिकायत मिलने के बाद मामले की प्रारंभिक जांच की गई और शिकायत की पुष्टि के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

 

यह भी पढ़ें : हिमाचल में बदल जाएगी Himcare! अब इलाज के लिए मिलेगा 10 लाख, आज कैबिनेट में लगेगी मुहर

शिकायत मिली तो विजिलेंस ने बिछाया जाल

मामले की सूचना मिलने के बाद स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो की बद्दी यूनिट सक्रिय हुई। अधिकारियों ने शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच की और इसके बाद रिश्वत के कथित लेन-देन को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। डीएसपी विजिलेंस अनिल मेहता के नेतृत्व में टीम ने मौके पर निगरानी रखी।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने निखिल, परिवार की तीसरी पीढ़ी करेगी देश सेवा

योजना के मुताबिक शिकायतकर्ता ने जैसे ही कथित रिश्वत की रकम सौंपी, विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद विभागीय अनुमति की फाइल, रिश्वत की मांग और रकम के लेन-देन से जुड़े तमाम पहलुओं को जांच के दायरे में लिया गया है।

15 दिन में दूसरा रिश्वत कांड, बद्दी में बढ़ी हलचल

इस मामले ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि दून विधानसभा क्षेत्र यानी बद्दी उपमंडल में पिछले करीब 15 दिनों में रिश्वतखोरी का यह दूसरा मामला सामने आया है। इससे पहले विजिलेंस ने एक महिला पटवारी को कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उस मामले में भी विभागीय कार्रवाई के तहत महिला पटवारी को निलंबित किया जा चुका है और जांच आगे बढ़ रही है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और निगरानी व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।

यह भी पढ़ें- हिमाचल के सरकारी स्कूलों को मिली नई पहचान: अब वर्दी में स्कूल आएंगे सभी शिक्षक

विजिलेंस की कार्रवाई से विभाग में मचा हड़कंप

वन विभाग के कर्मचारी के रिश्वत के मामले में पकड़े जाने के बाद संबंधित विभाग में भी हलचल है। विजिलेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वत की मांग किस स्तर पर हुई और खैर कटान की अनुमति से जुड़ी फाइल में किस तरह की भूमिका निभाई जा रही थी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या यह केवल एक व्यक्ति तक सीमित मामला था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क अथवा अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं।

यह भी पढ़ें : सीएम सुक्खू के 3 कद्दावर मंत्री, 7 MLA भी नहीं बचा पाए जिला परिषद की कुर्सी; कांग्रेस को झटका

भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगा अभियान

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच जारी है। रिश्वत की मांग, रकम के लेन-देन और अनुमति से जुड़ी फाइल सहित पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। आईजी विजिलेंस बीमल गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। मामले में पकड़े गए बीओ सतीश को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

रिश्वतखोरी पर बड़ा सवाल छोड़ गई कार्रवाई

बद्दी की यह कार्रवाई एक बार फिर यह सवाल छोड़ गई है कि आखिर सरकारी काम करवाने के लिए आम लोगों और कारोबारियों को रिश्वत की मांग का सामना क्यों करना पड़ता है। एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ लगातार सामने आ रहे ट्रैप के मामले व्यवस्था के भीतर मौजूद खामियों की ओर इशारा करते हैं।

यह भी पढ़ें- हिमाचल : गौशाला में घुसा आवारा सांड, 35 वर्षीय शख्स को सींग से उठाकर पटका- थमीं सांसें

बद्दी में 22 हजार रुपये की रिश्वत ने सिर्फ दो लोगों को विजिलेंस के जाल में नहीं फंसाया, बल्कि सरकारी व्यवस्था में भ्रष्टाचार की संभावित गहराई पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच से सामने आएगा कि इस कथित रिश्वतखोरी की कहानी यहीं खत्म होती है या इसके पीछे कोई और कड़ी भी जुड़ी हुई है।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें