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September 11, 2026

हिमाचल में गजब का कारनामा! मौ**त के बाद मिला सरकारी घर- 65 हजार किस्त भी की जारी

परिवार रजिस्टर में सिर्फ पति-पत्नी का नाम होने का दावा

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himachal chamba news

चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी आवास योजना के तहत एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर घर मंजूर किए जाने का आरोप लगा है, जिसकी पहले ही मौत हो चुकी है। मामला सामने आने के बाद पंचायत से लेकर विभाग तक सवालों के घेरे में आ गए हैं। अब पूरे मामले की जांच की जाएगी।

मृत व्यक्ति के नाम पर आवास मंजूर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला चुराह उपमंडल की ग्राम पंचायत सेईकोठी में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) को लेकर एक मामला सामने आया है। आरोप है कि पंचायत में एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर घर मंजूर कर दिया गया, जिसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। मामले को लेकर ग्राम पंचायत सनवाल के मकन गांव के रहने वाले मान सिंह पुत्र कर्म चंद ने ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निदेशक को शिकायत भेजी है।

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मान सिंह ने जांच और कार्रवाई की मांग की

मान सिंह ने अपनी शिकायत में पूरे मामले की जांच करवाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर सरकारी पैसे का गलत इस्तेमाल हुआ है तो उसकी वसूली की जाए और जांच में जो भी लोग दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।

2018-19 में तैयार हुई थी मकानों की सूची

शिकायत के मुताबिक, सेईकोठी पंचायत के गांव ओहला में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के लिए लाभार्थियों की सूची तैयार की गई थी। शिकायतकर्ता का कहना है कि साल 2018-19 में करीब 173 मकानों की सूची तैयार की गई थी। बाद में इसी सूची से जुड़े रिकॉर्ड में एक मृत व्यक्ति के नाम पर आवास स्वीकृत होने का मामला सामने आया।

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ऑनलाइन रिकॉर्ड में भागी का नाम दर्ज

मामले में सबसे बड़ा सवाल PMAY-G के ऑनलाइन रिकॉर्ड को लेकर उठ रहा है। शिकायत के अनुसार, योजना के पोर्टल पर लाभार्थी आईडी HP115031476 के तहत भागी पुत्र दसरावन, गांव नरवाड़, पंचायत सेईकोठी, विकास खंड तीसा का नाम दर्ज है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन पंचायत सचिव की सिफारिश के बाद प्रशासनिक स्तर पर आवास को मंजूरी दी गई।

रिकॉर्ड में 12 मार्च 2024 को दर्ज है मौत

वहीं, शिकायत के साथ लगाए गए मृत्यु प्रमाणपत्र में इसी नाम के व्यक्ति की मौत 12 मार्च 2024 को दर्ज बताई गई है। प्रमाणपत्र में ग्राम पंचायत सेईकोठी का नाम भी दर्ज है। इसी वजह से शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि अगर दोनों रिकॉर्ड में दर्ज व्यक्ति एक ही है, तो उसकी मौत के बाद उसके नाम पर आवास कैसे मंजूर हुआ।

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परिवार रजिस्टर में सिर्फ पति-पत्नी का नाम होने का दावा

शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित परिवार के परिवार रजिस्टर में केवल भागी और उसकी पत्नी मालती के नाम दर्ज थे। शिकायतकर्ता का दावा है कि दोनों की मौत हो चुकी थी। ऐसे में उनके नाम पर योजना का लाभ दिए जाने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

65 हजार रुपये की पहली किस्त भी जारी

मामला सिर्फ आवास की मंजूरी तक ही नहीं रुका। रिकॉर्ड के अनुसार, योजना के तहत कुल 1.30 लाख रुपये की सहायता मंजूर की गई थी और इसमें से 65 हजार रुपये की पहली किस्त जारी भी कर दी गई। इसी वजह से शिकायतकर्ता ने सरकारी धन की जांच और जरूरत पड़ने पर वसूली की मांग की है।

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BDO बोले- जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

इस मामले में खंड विकास अधिकारी तीसा गोपाल ठाकुर का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है। शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध दस्तावेजों की नियमों के अनुसार जांच करवाई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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