ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले से एक बड़े वित्तीय घोटाले और कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसने हजारों परिवारों की नींद उड़ा दी है। आरोप है कि पंजाब के दसूहा की एक महिला ने सुनियोजित तरीके से निवेश और इनाम योजनाओं का जाल बिछाकर करीब 3 हजार लोगों से करोड़ों रुपये जुटाए और बाद में सारा पैसा समेटकर विदेश Hkkx गई।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस कथित ठगी का शिकार बनने वालों में बड़ी संख्या आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, मिड-डे मील कर्मचारियों, वाटर गार्डों और ग्रामीण महिलाओं की बताई जा रही है, जिन्होंने बेहतर भविष्य और अतिरिक्त आमदनी की उम्मीद में अपनी मेहनत की कमाई इस योजना में लगा दी थी।
सीमावर्ती गांवों से शुरू हुआ खेल
जानकारी के अनुसार यह पूरा नेटवर्क हिमाचल और पंजाब की सीमा से सटे क्षेत्रों से शुरू हुआ। पंजाब के तलवाड़ा की सीमा हिमाचल से सटी होने के कारण आरोपितों ने यहां के गांवों मरवाड़ीए दौलतपुरए पिरथीपुरए डगोहए भद्रकालीए बनेहड़ा और नकडोह में जाल बिछाया। शुरुआत में लोगों को भरोसे के जरिए जोड़ा गया और रिश्तेदारी व जान-पहचान का फायदा उठाकर महिलाओं को निवेश के लिए प्रेरित किया गया। धीरे-धीरे यह नेटवर्क कई गांवों तक फैल गया और देखते ही देखते हजारों लोग इससे जुड़ गए। लोगों को बताया गया कि नियमित किस्तें जमा करने पर उन्हें बड़े इनाम और आर्थिक लाभ मिलेंगे।
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लकी ड्रॉ और महंगे इनामों से जीता लोगों का भरोसा
योजना को आकर्षक बनाने के लिए नियमित बैठकों का आयोजन किया जाता था। इनमें शामिल लोगों को लकी ड्रॉ के जरिए स्कूटी, फर्नीचर, डाइनिंग टेबल, अलमारी और अन्य महंगे उपहार दिए जाते थे। शुरुआती दौर में कुछ प्रतिभागियों को वास्तव में इनाम मिलने से लोगों का भरोसा और मजबूत हो गया। गांव-गांव में यह चर्चा फैल गई कि योजना से जुड़ने वालों को फायदा हो रहा है। इसी विश्वास के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी बचत इस स्कीम में लगानी शुरू कर दी।
कई महिलाओं ने कर्ज लेकर जमा किया पैसा
बताया जा रहा है कि कई महिलाओं ने योजना में निवेश करने के लिए ब्याज पर पैसे उधार तक लिए। उन्हें उम्मीद थी कि भविष्य में मिलने वाले लाभ और इनाम उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना देंगे। लेकिन समय के साथ हालात बदलने लगे और लोगों को अपने निवेश की वापसी को लेकर चिंता सताने लगी।
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बढ़ती कमाई देखकर खोला गया कार्यालय
जैसे-जैसे लोगों की संख्या बढ़ती गई, योजना संचालित करने वालों ने स्थानीय स्तर पर कार्यालय भी स्थापित कर लिया। बड़े-बड़े कार्यक्रम और बैठकों का आयोजन होने लगा। अधिक लोगों को जोड़ने वाले एजेंटों को विशेष पहचान और प्रोत्साहन भी दिया जाता था। इससे लोगों का विश्वास और बढ़ता गया और निवेश का दायरा लगातार फैलता चला गया।
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अचानक गायब हुए संचालक
कथित तौर पर पिछले कुछ समय से योजना से जुड़े प्रमुख संचालक लोगों की पहुंच से दूर होने लगे। निवेशकों को भुगतान और वादों को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा था। अब आरोप लगाया जा रहा है कि योजना संचालित करने वाली महिला देश छोड़कर विदेश चली गई है, जबकि स्थानीय स्तर पर लोगों को जोड़ने वाले कई व्यक्ति भी सामने नहीं आ रहे हैं। इससे हजारों निवेशकों में चिंता और आक्रोश का माहौल है।
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पुलिस को शिकायत का इंतजार
फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में अभी तक औपचारिक लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। हालांकि प्रशासन और पुलिस लोगों को ऐसी योजनाओं से सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। अधिकारियों ने कहा है कि यदि कोई संस्था या व्यक्ति कम समय में पैसा दोगुना करने या असामान्य मुनाफा देने का दावा करता है, तो लोगों को निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए।
हजारों परिवारों के सामने खड़ा हुआ संकट
यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह क्षेत्र के सबसे बड़े कथित वित्तीय घोटालों में से एक माना जा सकता है। हजारों परिवार अब अपनी जीवनभर की जमा पूंजी वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, जबकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
