#अपराध
June 26, 2026
हिमाचल में युवकों से मिला 203 ग्राम चिट्टा, होम स्टे से चला रहे थे धंधा- फ्लैट में छुपाई थी खेप
हिमाचल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नशा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ जिला शिमला पुलिस का विशेष अभियान लगातार असर दिखा रहा है। पुलिस थाना रामपुर और न्यू शिमला से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने बड़ी मात्रा में हेरोइन (चिट्टा) बरामद की है।
इसी के साथ वैज्ञानिक एवं तकनीकी जांच के आधार पर पूरे सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार करने में भी सफलता हासिल की है। दोनों मामलों में अब तक करीब 203 ग्राम (चिट्टा) हेरोइन जब्त की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने तक अभियान जारी रहेगा।
ASP सिटी मेहर पंवर ने बताया कि 23 जून, 2026 को डिटेक्शन सेल रामपुर की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान भैरा खंड सड़क पर NH-05 के पास विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद पुलिस ने नाकाबंदी कर एक संदिग्ध वाहन को रोका।
तलाशी लेने पर वाहन में सवार अनिल रिबल्टा, प्रशांत मैहता और तेजस्वी के कब्जे से लगभग 25 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद पुलिस थाना रामपुर में NDPS एक्ट की धाराओं 21 और 29 के तहत मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जांच को केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रखा। अधिकारियों ने मोबाइल फोन का विश्लेषण, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), IPDR और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों से पता चला कि गिरफ्तार आरोपियों ने चिट्टा खरीदने के लिए नवदीप मेहता उर्फ पीयूष से संपर्क किया था और उसे करीब 11 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी किए थे। आगे की जांच में यह भी सामने आया कि नवदीप मेहता को यह नशीला पदार्थ सचिन गौर के माध्यम से मिला था, जिससे पुलिस को पूरे सप्लाई नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ियां जोड़ने में सफलता मिली।
जांच में मिले तथ्यों के आधार पर गठित विशेष पुलिस दल ने पंजाब के जीरकपुर में दबिश दी। 24 जून को नवदीप मेहता उर्फ पीयूष को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मुख्य सप्लायर बताए जा रहे सचिन गौर को भी डकोली, जीरकपुर से एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है और उनसे पूछताछ के आधार पर आगे की जांच जारी है।
दूसरे मामले में स्पेशल सेल शिमला ने 20 जून 2026 को कनलोग क्षेत्र के एक होम स्टे में ठहरे गोपाल कुमार के कमरे की तलाशी ली। तलाशी के दौरान वहां से करीब 16 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस थाना न्यू शिमला में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गोपाल कुमार से पूछताछ के साथ-साथ तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में गुरुवचन उर्फ गुरु की भूमिका सामने आई। इसके बाद विशेष पुलिस टीम ने 23 जून को मोहाली में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसके कब्जे से करीब 162 ग्राम हेरोइन बरामद हुई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गुरुवचन उर्फ गुरु एक संगठित नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़ा था। प्रारंभिक जांच के अनुसार वह अपने किराए के फ्लैट में भारी मात्रा में हेरोइन संग्रहित रखता था और मांग मिलने पर अलग-अलग लोकेशन के आधार पर शिमला के विभिन्न क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति करता था। पुलिस अब उसके संपर्क में रहे अन्य लोगों की भी पहचान कर रही है।
दोनों मामलों को मिलाकर अब तक करीब 203 ग्राम चिट्टा/हेरोइन बरामद की जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य केवल नशीला पदार्थ पकड़ना नहीं, बल्कि इसके पीछे सक्रिय पूरे सप्लाई नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इसी कारण तकनीकी जांच, डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण लगातार किया जा रहा है।
जिला शिमला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क को समाप्त करने के लिए हर स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें कहीं भी नशीले पदार्थों की तस्करी या बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।