कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आई है। धर्मशाला में एक आउटसोर्स कर्मचारी महिला ने मौत को गले लगा लिया है।इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

आउटसोर्स कर्मी ने की आत्महत्या

जल शक्ति विभाग में आउटसोर्स आधार पर कार्यरत 45 वर्षीय महिला मिली ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। महिला की मौत के बाद सामने आए घटनाक्रम और उसके द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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सुसाइड नोट भी मिला

पुलिस को मौके से एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है। इस नोट में महिला ने अपने वैवाहिक जीवन के संघर्ष, मानसिक प्रताड़ना, आर्थिक परेशानियों और पारिवारिक विवादों का उल्लेख किया है।'

 

पहले जुड़वां बहन से की बात

जानकारी के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले महिला अपनी जुड़वां बहन जूली से मोबाइल फोन पर बातचीत कर रही थी। बातचीत के बाद उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। जब घटना का पता चला तो क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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सुसाइड नोट में बयां किया दर्द

महिला द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में करीब 14 बिंदुओं के माध्यम से अपनी पीड़ा व्यक्त की गई है। नोट में लिखा गया है कि-

  • वर्ष 2006 में उसकी शादी हुई थी और उसने अपने वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया। मगर समय के साथ परिस्थितियां लगातार कठिन होती चली गईं।
  • शादी के कुछ समय बाद ही उसके चरित्र पर संदेह किया जाने लगा। वह मायके जाए या किसी परिचित से बातचीत करे, हर बात को शक की नजर से देखा जाता था।
  • लगातार लगाए जाने वाले आरोपों और संदेह ने उसकी आत्मसम्मान की भावना को गहरी चोट पहुंचाई और वह मानसिक रूप से टूटने लगी।
  • पति पर पारिवारिक जिम्मेदारियां नहीं निभाने का आरोप भी लगाया है। उसके अनुसार पति अपनी मां के साथ अलग रहते थे
  • वह अपने बेटे के साथ दूसरे मकान में रहने को मजबूर थी।
  • घर के खर्चों से लेकर बच्चे की जरूरतों तक का बोझ उसे अकेले उठाना पड़ता था।
  • पति अक्सर अपने दोस्तों को घर बुलाकर शराब पीते थे। जब वह इसका विरोध करती तो विवाद शुरू हो जाता और कई बार स्थिति मारपीट तक पहुंच जाती थी।
  • छोटी-छोटी बातों पर होने वाले झगड़ों ने उसके जीवन को तनावपूर्ण बना दिया था।
  • अपने बेटे से दूरी का जिक्र है। महिला ने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष ने उसके बेटे को अपने पास रख लिया था और उसे बेटे से मिलने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
  • अदालत द्वारा निर्धारित गुजारा भत्ता भी नियमित रूप से नहीं दिया जा रहा था।
  • अपने बेटे के लिए जो सामान या कपड़े लेकर जाती थी, उनका उपयोग भी बच्चे को नहीं करने दिया जाता था। इस स्थिति ने उसे अंदर तक तोड़ दिया था और वह खुद को असहाय महसूस करने लगी थी।
  • आर्थिक कठिनाइयों का भी विस्तार से उल्लेख किया है। उसने लिखा कि वह जल शक्ति विभाग में आउटसोर्स कर्मचारी के रूप में कार्यरत थी और नौकरी की कोई स्थायी सुरक्षा नहीं थी। उसे हर समय यह डर सताता था कि कहीं नौकरी न चली जाए।
  • वह मधुमेह से पीड़ित थी और इलाज तथा दवाइयों का खर्च भी स्वयं वहन कर रही थी।
  • घर का पूरा खर्च, रोजमर्रा की जरूरतें और स्वास्थ्य संबंधी व्यय उसके लिए लगातार चुनौती बनते जा रहे थे।
  • आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव ने उसकी स्थिति को और अधिक गंभीर बना दिया।

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पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ केस

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए और सुसाइड नोट को कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने पति तथा ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों और अन्य तथ्यों की गहनता से जांच की जा रही है।

जांच में जुटी पुलिस

DSP मुख्यालय धर्मशाला निशा कुमारी के अनुसार प्रथम दृष्टया मामला घरेलू हिंसा, मानसिक प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जाएगी। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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