शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के थाना सुन्नी क्षेत्र में एक लापता युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सतलुज नदी किनारे पेड़ों के बीच फंसा यह शव कई दिनों पुराना बताया जा रहा है।
नदी में फंसा था गला-सड़ा शव
पुलिस के अनुसार 13 अप्रैल को ततापानी क्षेत्र के एक नदी गतिविधि संचालक ने सूचना दी कि घरयाणा के नीचे सतलुज नदी के किनारे एक शव दिखाई दे रहा है। सूचना मिलते ही थाना सुन्नी की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से नदी में फंसे गले-सड़े शव को बाहर निकाला।
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दिसंबर 2025 से था लापता
शव को कब्जे में लेकर पहचान और पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल सुन्नी के शवगृह में रखवाया गया। शुरुआती जांच में शव के कपड़े और हुलिया 21 दिसंबर, 2025 को दर्ज गुमशुदगी के एक मामले से मेल खाते पाए गए। इसके बाद परिजनों को मौके पर बुलाया गया।
बैसाखी पर परिवार को मिली बेटे की लाश
14 अप्रैल को परिजनों ने कपड़ों, जूतों और शारीरिक बनावट के आधार पर शव की पहचान हुई। मृतक की पहचान दुर्गेश उर्फ काकू के रूप में हुई- जो कि हिमरी, सुन्नी का रहने वाला था।
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किसी से नहीं थी कोई दुश्मनी
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक की किसी से कोई दुश्मनी या विवाद नहीं था। परिजनों ने भी मामले में किसी तरह का शक जाहिर नहीं किया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है।
कैसे हुई युवक की मौत?
मौके की परिस्थितियों को देखते हुए अंदेशा जताया जा रहा है कि सुन्नी-ततापानी मार्ग के कुछ हिस्से जर्जर और खतरनाक हैं। घने पेड़-पौधों के कारण अंधेरा रहने से संभव है कि युवक का पैर फिसला और वह नदी में जा गिरा, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई।
