कुल्लू हिमाचल प्रदेश की शांत वादियों में बाहरी राज्यों के अपराधियों का छिपना कोई नया चलन नहीं रहा। पंजाब में हुई गोलीबारी के एक मामले में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी ने फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर कैसे गंभीर अपराधों के आरोपी हिमाचल में पनाह ले लेते हैं और पुलिस को लंबा पीछा करना पड़ता है।

पंजाब की वारदात, हिमाचल में छिपा आरोपी

कपूरथला के फगवाड़ा क्षेत्र में 14 अक्टूबर को हुई गोलीबारी के मामले में वांछित रोहित वर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जालंधर ग्रामीण के पूरनपुर गांव का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि घटना के बाद वह हिमाचल प्रदेश में छिपा हुआ था। बाद में उसे कुल्लू पुलिस ने नशे से जुड़े एक अलग मामले में पकड़ा, जिससे फगवाड़ा पुलिस को अहम सुराग मिला।

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ईस्टवुड विलेज फायरिंग का मामला

यह मामला जालंधर राजमार्ग स्थित ईस्टवुड विलेज में हुई फायरिंग से जुड़ा है। प्रेस को जानकारी देते हुए माधवी शर्मा ने बताया कि सुखप्रीत सिंह उर्फ सुखा, जिसे पहले ईस्टवुड में नौकरी से निकाला गया था, 14 अक्टूबर को अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा था।

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सुरक्षा गार्ड पर जानलेवा हमला

मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी संदीप कुमार ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिस पर सुखप्रीत ने पहले मारपीट की और फिर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। गोली संदीप की बायीं जांघ में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद सुखप्रीत और उसके साथियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया था।

ड्रग्स के साथ पकड़ा गया

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी रोहित वर्मा वारदात के बाद हिमाचल प्रदेश भाग गया था। कुल्लू में उसे ड्रग्स के साथ पकड़े जाने के बाद फगवाड़ा पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट हासिल किया। पूछताछ के दौरान आरोपी से वारदात में इस्तेमाल की गई 7.65 एमएम की अवैध पिस्टल और चार जिंदा कारतूस बरामद किए गए।

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बार-बार क्यों बनता है हिमाचल ठिकाना

इस मामले ने एक बार फिर उस सवाल को हवा दी है कि पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के अपराधी हिमाचल के सीमावर्ती और पर्यटन क्षेत्रों को छिपने के लिए क्यों चुनते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंतरराज्यीय समन्वय के जरिए ऐसे नेटवर्क पर लगातार नजर रखी जा रही है।

जांच जारी, नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस आरोपी से जुड़े पूरे नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई लाइन की जांच कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि हिमाचल में अपराधियों को पनाह देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।

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