शिमला। प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA), 1999 के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शिमला और दिल्ली में फैले छह ठिकानों पर छापेमारी कर 80 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित संपत्तियों का खुलासा किया है। यह कार्रवाई दिल्ली स्थित इम्पीरियल ग्रुप और उससे जुड़े प्रमुख व्यक्तियों मानविंदर सिंह और उनकी पत्नी सागरी सिंह के खिलाफ की गई है] जो हिमाचल प्रदेश में एक बड़े रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट औरमाह वैली के संचालन से जुड़े हैं।

नालदेहरा में बन रहा है हजार फ्लैटों का प्रोजेक्ट

ईडी की जांच के दायरे में शिमला के समीप नालदेहरा स्थित एक रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट औरमाह वैली आया है, जहां इम्पीरियल ग्रुप द्वारा लगभग 100 एकड़ ज़मीन पर एक हजार से अधिक फ्लैट बनाए जा रहे हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि इस प्रोजेक्ट के तहत एनआरआई ग्राहकों को करोड़ों रुपये के फ्लैट बेचे गए] जिनके लेन-देन में व्यापक पैमाने पर हेराफेरी हुई है।

 

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50 लाख की नकदी, विदेशी मुद्रा और संदिग्ध दस्तावेज जब्त

दो दिन तक चले इस तलाशी अभियान में ईडी को 50 लाख रुपये की नकदी (जिसमें पुराने 500 रुपये के नोट भी शामिल हैं), विदेशी मुद्रा, डिजिटल डिवाइसेज़, संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज और विदेशी निवेश से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। जांच में पता चला है कि मानविंदर सिंह के नाम पर सिंगापुर, दुबई, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और थाईलैंड में कई बैंक खाते मौजूद हैं। इन खातों की पासबुक और दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, 3 बैंक लॉकर फ्रीज कर दिए गए हैं, जिनमें और अधिक आपत्तिजनक दस्तावेज होने की आशंका है।

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फर्जी दस्तावेज़ों के जरिए लिए गए करोड़ों के लोन

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इम्पीरियल ग्रुप ने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर कई बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लिया था। यह भी जांच का विषय है कि क्या इन फंड्स का उपयोग हवाला या मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में किया गया। ईडी सूत्रों के अनुसार, जांच में कई लेन-देन ऐसे पाए गए हैं जो बैंकों के औपचारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते।

 

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विदेशों में निवेश और बेनामी संपत्तियों की भी जांच

सूत्रों की मानें तो मानविंदर सिंह और उनकी पत्नी सागरी सिंह ने विदेशों में कई कंपनियों और अचल संपत्तियों में बेनामी निवेश किया है। इन संपत्तियों और खातों की जानकारी सिंगापुर, दुबई, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और थाईलैंड जैसे देशों से जुटाई जा रही है। ईडी की टीम इन विदेशी निवेशों की वैधता और स्रोतों की जांच कर रही है।

पूछताछ का दौर जारी

रविवार को ईडी ने शिमला स्थित अपने कार्यालय में मानविंदर सिंह, उनकी पत्नी सागरी सिंह और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में और भी लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। छापेमारी में जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल डाटा की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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रीयल एस्टेट सेक्टर में बड़ा झटका

इस कार्रवाई को हिमाचल प्रदेश के रीयल एस्टेट सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। ईडी अब पूरे प्रोजेक्ट के वित्तीय लेन-देन, मनी लॉन्ड्रिंग के संभावित चैनल, विदेशी निवेश और अन्य संदिग्ध गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है। अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो कंपनी के अधिकारियों पर मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

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