शिमला। कुदरत की बेइंतेहां खूबसूरती और सुकून भरी जिंदगी को समेटे हिमाचल प्रदेश के भोले-भाले लोगों को बेदर्दी से ठगा जा रहा है। निशाने पर है मोबाइल फोन और निशाना बनाने वाले या तो पड़ोसी देश के हैं या फिर समंदर पार के रहने वाले। साल 2024 में डिजिटल अरेस्ट के 15 मामले सामने आए हैं।
अकेले शिमला जिले में बीते साल मिलीं साइबर फ्रॉड की 8581 शिकायतों में सबसे ज्यादा 75 फीसदी शिकायतें वित्तीय घोटाले, यानी फाइनेंशियल फ्रॉड की हैं। बाकी 2176 शिकायतें सोशल मीडिया फ्रॉड की हैं। कोई नहीं जानता कि कब कौन किसी अनजान नंबर से कॉल कर आपके बैंक खाते में सेंध लगा दे। राज्य के शिमला, कांगड़ा और मंडी में कुछ लोग वॉट्सएप (WhatsApp) ओर इंस्टाग्राम (Instagram) हैक होने की काफी शिकायतें मिल रही है। नौबत यह है कि केवल वयस्क ही नहीं, बच्चे भी साइबर ठगों का निशाना बन रहे हैं।
साल 2024 में शिमला साइबर कार्यालय में आई शिकायतें
माह फाइनेंशियल फ्रॉड सोशल मीडिया फ्रॉड
जनवरी 1075 254
- फरवरी 909 195
- मार्च 807 224
- अप्रैल 647 176
- मई 767 192
- जून 689 204
- जुलाई 731 210
- अगस्त 230 160
- सितंबर 161 157
- अक्टूबर 186 136
- नवंबर 109 136
- दिसंबर 94 132
- कुल 6405 2176
ठगने के नए-नए तरीके आजमा रहे हैं
हिमाचल में बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है। इसका फायदा साइबर ठग उठाते हैं। साइबर ठग फर्जी नौकरियों की भर्ती के मैसेज और लिंक्स भेजते हैं। लोग लिंक्स पर क्लिक कर आवेदन कर देते हैं। इसके बाद ठग फीस के नाम पर बेरोजगार युवाओं से पैसे ऐंठ लेते हैं। कई बार लिंक पर क्लिक करते ही ठग आपके फोन में सेंधमारी कर आपका खाता साफ कर देते हैं। बीते साल की तुलना में 2024 के दौरान इस तरह की फाइनेंशियल ठगी के मामलों में 43 फीसदी का इजाफा हुआ है।
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अनजान लिंक से बचकर रहें
एक नया तरीका साइबर ठगों ने तलाशा है। वे एक लिंक वॉट्सएप और इंस्टाग्राम पर भेजते हैं, जिसमें किसी शादी का निमंत्रण, बैंक का मैसेज, न्यूज का लिंक, बधाई संदेश, कोई भी निमंत्रण या कोई ऐसा लिंक जो देखते ही जरूरी लगे। अंजाने में व्यक्ति जब लिंक पर क्लिक करता है, तो वह असल में अपने फोन के एपीआई की (API Key) को हिट कर देता है। इससे जिस साइबर ठग ने मेसेज भेजा है वह आपके मोबाइल या कंप्यूटर डिवाइस को हैक कर लेता है। हैक करते ही साइबर ठग आपके बैंक खाते तक पहुंच जाते हैं। उन्हें किसी ओटीपी की भी जरूरत नहीं होती और वे पूरा बैलेंस पलक झपकते ही खाली कर देते हैं।
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2024 में पुलिस को 36 प्रतिशत कामयाबी
हिमाचल प्रदेश में साइबर क्राइम के आंकड़ों के अनुसार साल 2024 में साइबर ठगी के कुल 111 मामले सामने आए, लेकिन हिमाचल पुलिस केवल 41 आरोपियों को ही पकड़ पाई है। यानी पुलिस की कामयाबी का प्रतिशत महज 36 रहा। ऐसे में जरूरी है कि आप खुद सावधान रहें, सतर्कता बरतें और जहां तक संभव हो, अनजान व्यक्तियों के लिंक्स या छलावे में न आएं।
2024 में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर आई कॉल्स
साल फाइनेंशियल फ्रॉड सोशल मीडिया फ्रॉड पूछताछ
2023 11,172 4,461 11,419- 2024 18,480 7,427 22,200
इस तरह बचें साइबर फ्रॉड से
इंटरनेट, सोशल मीडिया पर अपनी सार्वजनिक जानकारी शेयर करने से बचें। सार्वजनिक साइट, ब्लॉग और इंटरनेट, सोशल मीडिया पर अपना ईमेल, क्रेडिट, डेबिट कार्ड की जानकारी, पिन आदि शेयर न करें।
• ईमेल, सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप पर आए हुए लिंक पर क्लिक करने से पहले सावधानी बरतें। उसका डोमेन नेम जरूर चेक करें।
• किसी साइट पर अपनी जानकारी शेयर करने से पहले उस साइट की सत्यता की पुष्टि कर लें
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• पब्लिक प्लेस पर फ्री वाई-फाई का प्रयोग करने से बचें
• गलती से भी अपने मोबाइल फोन में अनजाने लिंक पर न क्लिक करें और न ही कोई ऐप डाउनलोड करें
• साइबर ठगी के फोन कॉल आने पर तुरंत उन्हें काट दें या ब्लॉक कर दें। डिजिटल अरेस्ट की स्थिति में संयम बनाए रखें। जालसाज के झांसे में आए बिना फोन काटकर उसकी शिकायत करें।
