#अपराध

March 13, 2026

हिमाचल: एक करोड़ की LSD मामले का मुख्य आरोपी हरियाणा से धरा, व्हाट्सएप से करता था डील

पुलिस जांच में हुआ चौंकाने वाले खुलासे कई राज्यों में फैला रखा था नशे का जाल

शेयर करें:

shimla Drug News

शिमला। हिमाचल प्रदेश में अभी हाल ही में सबसे महंगे नशे की दस्तक हुई थी। राजधानी शिमला में पुलिस ने कुछ दिन पहले ही दो आरोपियों से बड़ी मात्रा में एलएसडी की स्टैम्प साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। इस मामले में पुलिस ने अब अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए इस पूरे गिरोह के सरगना को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब पुलिस ने पहले पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस पूरे नेटवर्क की परतें उधेड़नी शुरू कीं।

हरियाणा से धरा मुख्य आरोपी

जानकारी के अनुसार मामले की जांच के दौरान पुलिस की एक विशेष टीम ने हरियाणा के गुरुग्राम में दबिश देकर मुख्य आरोपी नविएल हैरिसन को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से केरल का रहने वाला बताया जा रहा है और वह लंबे समय से इस महंगे सिंथेटिक नशे की आपूर्ति का नेटवर्क चला रहा था। पुलिस के अनुसार यही व्यक्ति हिमाचल समेत कई राज्यों में नशे की सप्लाई का मुख्य कड़ी था।

 

यह भी पढ़ें : केंद्र ने 294 नई सड़क निर्माण को मंजूर की करोड़ों की राशि, विक्रमादित्य के विभाग ने शुरू की प्रक्रिया

शिमला में पकड़े थे दो आरोपी

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब न्यू शिमला पुलिस ने कुछ दिन पहले एक कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से बड़ी मात्रा में एलएसडी की स्टैम्प साइज स्ट्रिप्स बरामद हुई थीं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई थी। इतनी बड़ी मात्रा में बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का दायरा बढ़ाया और पूरे नेटवर्क की तलाश शुरू की।

जांच में हुए बड़े खुलासे

जांच के दौरान पुलिस को जो सबसे चौंकाने वाली जानकारी मिली, वह यह थी कि आरोपी बेहद चालाकी से अपना नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस से बचने के लिए ये लोग सामान्य फोन कॉल का इस्तेमाल नहीं करते थे। पूरे नेटवर्क की बातचीत और डीलिंग केवल व्हाट्सएप के माध्यम से की जाती थीए जिससे पुलिस की निगरानी से बचना आसान हो जाता था।

 

यह भी पढ़ें : समय पर नहीं पहुंची नई HRTC बसें : कंपनी को लेट-लतीफी पड़ी महंगी, 42 करोड़ का लगेगा फटका

नशे के बदले नशे का होता था सौदा

इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के बीच कई बार नशे का लेन.देन पैसों के बजाय दूसरे नशे के बदले किया जाता था। यानी एक तरह के नशे के बदले दूसरे तरह का नशा दिया जाता था। पुलिस के अनुसार कई मामलों में गांजे के बदले एलएसडी की सप्लाई की जाती थीए जिससे यह कारोबार और भी जटिल हो जाता था।

यह भी पढ़ें : मोदी सरकार ने बाढ़ प्रभावित राज्यों के लिए खोला खजाना, हिमाचल को मिली करोड़ों की राहत राशि

क्या कहते है पुलिस अधिकारी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े हो सकते हैं और जांच अभी जारी है। मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया गया है। इसी कड़ी में इस साल अब तक कई बड़े मामलों का खुलासा करते हुए सैकड़ों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने और ऐसे गिरोहों को जड़ से खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

नोट : ऐसी ही तेज़, सटीक और ज़मीनी खबरों से जुड़े रहने के लिए इस लिंक पर क्लिक कर हमारे फेसबुक पेज को फॉलो करें

ट्रेंडिंग न्यूज़
LAUGH CLUB
संबंधित आलेख