कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस ने अब पूरी तरह सख्त रुख अपना लिया है। राज्य में ड्रग नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस सिर्फ तस्करों को पकड़ने तक सीमित नहीं रह गई हैए बल्कि उनकी संपत्तियों को सीज करने और आदतन अपराधियों को नजरबंद करने जैसी कड़ी कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है।

कांगड़ा में दो कुख्यात तस्कर नजरबंद

इसी कड़ी में जिला कांगड़ा पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बैजनाथ क्षेत्र के दो कुख्यात नशा तस्करों को सलाखों के पीछे नजरबंद कर दिया है। दोनों को तीन.तीन माह के लिए जिला कारागार धर्मशाला में नजरबंद करने के आदेश जारी कर दिए गए थे, जिसे पुलिस ने तुरंत तामील कर दिया। यह कदम पिट एंड एनडीपीएस के प्रावधानों के तहत उठाया गया है, जिससे ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।

 

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बार-बार गिरफ्तारी के बावजूद जारी था धंधा

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित पहले भी कई बार नशा तस्करी के मामलों में पकड़े जा चुके थे। गिरफ्तारी और जमानत के बाद भी ये लोग लगातार इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे। इनके खिलाफ अलग.अलग जिलों में कई मामले दर्ज हैं और इनके कब्जे से चिट्टा और चरस जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ बरामद किए जा चुके हैं।

दोनों आरोपियों पर दर्ज हैं कई मामले

नजरबंद आरेापियों की पहचान अश्वनी राणा और रामदास उर्फ रामू के रूप में हुई है। दोनों के ही खिलाफ कई पुलिस थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज है। इसमें अश्वनी राणाए निवासी ग्राम पिहार डाकघर चौबीन तहसील बैजनाथ अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क का सक्रिय सदस्य है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अश्वनी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत हिमाचल और पंजाब में तीन गंभीर मामले दर्ज हैं।  

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पहला मामला कुल्लू के बंजार, दूसरा मामला बिलासपुर पुलिस थाना में और तीसरा मामला पंजाब के समराला में दर्ज है। इन मामलों में आरोपी के पास से पुलिस को भारी मात्रा में चिट्टा चरस बरामद हुई थी। आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से नशा तस्करी में जुट गया था। 

 

इसी तरह से दूसरा आरोपी रामदास उर्फ रामू बैजनाथ के वार्ड नंबर 10 का निवासी है और वह स्थानीय युवाओं को नशा बेचता था। उसके खिलाफ भी विभिन्न थानों में तीन मामले दर्ज हैं। रामदास के खिलाफ पालमपुर पुलिस थाना में दो मामले और शाहपुर पुलिस थाना में एक मामला एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज है। 

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युवाओं को बना रहे थे शिकार

जांच में यह सामने आया कि दोनों आरोपी क्षेत्र में नशे की सप्लाई और वितरण में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उनकी गतिविधियों का सीधा असर युवाओं के स्वास्थ्य और समाज की शांति व्यवस्था पर पड़ रहा थाए जिसे देखते हुए पुलिस ने सख्त कदम उठाना जरूरी समझा।

जेल में नजरबंद

पुलिस और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर दोनों आरोपितों के खिलाफ निवारक हिरासत की कार्रवाई की गई। आदेश मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जिला कारागार धर्मशाला में तीन माह के लिए नजरबंद कर दिया है, ताकि उनके नेटवर्क को तोड़ा जा सके।

संपत्ति जब्ती की कार्रवाई भी तेज

हिमाचल पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि अब नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई और भी तेज होगी। सिर्फ गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि उनकी चल.अचल संपत्तियों को भी जब्त किया जाएगा ताकि इस अवैध धंधे की कमर तोड़ी जा सके।

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