शिमला/सोलन। हिमाचल प्रदेश की सेब मंडियों में यूनिवर्सल कार्टन के निर्धारित मानकों का पालन कराने के लिए कृषि उपज विपणन समितियों यानी APMC ने कार्रवाई तेज कर दी है। तय मात्रा से अधिक सेब खरीदने वाले आढ़तियों पर शिकंजा कसते हुए शिमला और सोलन में अब तक 12 आढ़तियों के चालान किए गए हैं। प्रत्येक आढ़ती पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग ने साफ किया है कि नियमों की पुनरावृत्ति होने पर संबंधित आढ़ती का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
22 किलो से अधिक सेब खरीदने पर नजर
सेब सीजन के दौरान मंडियों में कुछ मामलों में निर्धारित वजन से अधिक सेब वाली पेटियां पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि कुछ पेटियों में 25 से 27 किलो तक सेब भरा जा रहा है, जबकि यूनिवर्सल कार्टन के तहत एक पेटी में निर्धारित मात्रा में ही सेब रखने का प्रावधान है।
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ओवरवेट पेटियों की खरीद-बिक्री को लेकर APMC ने अब आढ़तियों की निगरानी बढ़ा दी है। नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी में आढ़तियों के साथ-साथ बागवानों को भी निर्धारित वजन के संबंध में जागरूक किया जा रहा है।
ज्यादा वजन से किसे नुकसान?
मंडी व्यवस्था में सेब की ग्रेडिंग और पैकिंग का सीधा संबंध बागवान को मिलने वाले भुगतान से है। तय क्षमता से अधिक सेब एक ही कार्टन में भरने पर पेटियों की वास्तविक मात्रा और निर्धारित मानक के बीच अंतर पैदा हो सकता है।
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इसी वजह से यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था में वजन और पैकिंग के मानक तय किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य मंडी में सेब की खरीद-बिक्री को एक समान व्यवस्था के तहत लाना और बागवानों के हितों की रक्षा करना है।
2024 में लागू हुआ था यूनिवर्सल कार्टन
बागवानों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद राज्य में वर्ष 2024 से टेलीस्कोपिक कार्टन के स्थान पर यूनिवर्सल कार्टन को अनिवार्य किया गया था। इससे पहले टेलीस्कोपिक कार्टन में आकार और पैकिंग की सुविधा के कारण बागवान अलग-अलग मात्रा में सेब भरते थे।
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कई मामलों में एक पेटी में निर्धारित मात्रा से काफी अधिक सेब भरे जाने की शिकायतें भी सामने आती रही थीं। इससे मंडी में वजन और भुगतान की व्यवस्था को लेकर विवाद की स्थिति बनती थी। यूनिवर्सल कार्टन लागू होने के बाद सरकार ने कार्टन में सेब की मात्रा को लेकर भी मानक निर्धारित किए। मौजूदा व्यवस्था में प्रति पेटी 20 से 22 किलो के आसपास सेब रखने का प्रावधान बताया गया है।
दोबारा नियम तोड़े तो लाइसेंस पर कार्रवाई
मार्केटिंग बोर्ड ने प्रदेश की विभिन्न APMC समितियों और आढ़तियों को यूनिवर्सल कार्टन से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का जोर इस बात पर है कि मंडियों में तय वजन के अनुसार ही सेब की खरीद की जाए।
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शिमला और सोलन में 12 आढ़तियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को इसी अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। फिलहाल चालान के रूप में जुर्माना लगाया गया है, लेकिन दोबारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बागवानों और आढ़तियों दोनों से नियम पालन की अपील
APMC शिमला-किन्नौर के सचिव रविंद्र कुमार के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले आढ़तियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अब तक शिमला और सोलन में 12 आढ़तियों के चालान किए जा चुके हैं।
उन्होंने बागवानों और आढ़तियों से अपील की है कि यूनिवर्सल कार्टन में निर्धारित मात्रा के अनुरूप ही सेब भरा और खरीदा जाए। विभाग का कहना है कि वजन संबंधी मानकों का पालन होने से मंडी में खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी रहेगी और अनावश्यक विवादों पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
