सोलन। हिमाचल प्रदेश में आए दिन बच्चियों, युवतियों और महिलाओं के साथ हो रहे दुराचार के मामले में सामने आ रहे हैं। ऐसे मामलों में इंसाफ पाने के लिए ज्यादातर पीड़िताओं को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है। ताजा मामला सोलन जिले से सामने आया है- जहां पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने, बहला-फुसलाकर भगाने और अपहरण करने के आरोप में कोर्ट ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला साल 2021 में बद्दी पुलिस थाने में दर्ज हुआ था। जानकारी के अनुसार, 12 जुलाई, 2021 को नाबालिग लड़की के पिता ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस शिकायत में उन्होंने आरोपी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
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पिता ने क्या लगाए आरोप?
पिता का आरोप था कि आरोपी ने नाबालिग बेटी को-
- शादी का झांसा देकर बहलाया-फुसलाया।
- अपहरण करके ले गया।
- कई बार दुराचार किया।
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अदालत में कब दर्ज हुई चार्जशीट?
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला पुलिस थाना बद्दी में पॉक्सो की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। मामले की जांच पूरी होने के बाद पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई।
अदालत में कितने ग्वाह हुए पेश?
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर बी.एस. नेगी ने अदालत में मजबूती से अपना पक्ष रखा और आरोपी के खिलाफ सभी जरूरी दलीलें पेश कीं। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने 19 अहम गवाहों के बयान पेश किए। इसके अलावा वैज्ञानिक साक्ष्य और दूसरे जरूरी सबूत भी रखे गए। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी अनुभव उर्फ मोनू को दोषी माना- जो कि उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद का रहने वाला है।
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अदालत ने सुनाई सख्त सजा
सभी गवाहों, वैज्ञानिक सबूतों और रिकॉर्ड का गहन अध्ययन करने के बाद जिला न्यायालय सोलन की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट्रैक स्पेशल कोर्ट पॉक्सो सोलन कनिका चावला की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 40 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, जुर्माना ना अदा करने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
