शिमला। हिमाचल प्रदेश पुलिस में ड्यूटी के दौरान जातिगत भेदभाव का आरोप लगने के बाद चौपाल पुलिस थाना में मामला दर्ज किया गया है। एक कांस्टेबल ने अपने ही वरिष्ठ हेड कांस्टेबल पर जाति पूछकर अलग व्यवहार करने का आरोप लगाया है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जाति पूछे जाने का आरोप
शिकायतकर्ता कांस्टेबल राजेश कुमार के अनुसार, वह 27 जुलाई से बिरेंद्रा देवी की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात था। इसी दौरान गार्ड की जिम्मेदारी संभाल रहे हेड कांस्टेबल राकेश कुमार ने उससे उसकी जाति के बारे में पूछा। राजेश का आरोप है कि अपनी जाति बताने के बाद उसके साथ अलग तरह का व्यवहार शुरू कर दिया गया।
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बर्तन और पानी छूने से रोका
कांस्टेबल ने शिकायत में आरोप लगाया है कि हेड कांस्टेबल ने उसे गार्ड रूम में रखे खाने-पीने के बर्तन और पानी से दूर रहने के लिए कहा। शिकायतकर्ता का दावा है कि उसे धार्मिक मान्यता का हवाला देते हुए ऐसा करने को कहा गया।
देवता के नाम पर डराने की कोशिश
दलित वर्ग से होने की जानकारी मिलने पर कॉन्सटेबल ने कहा कि मैं महासू देवता का गूर हूं, मुझे परहेज करना पड़ता है। तुम खाने-पीने के बर्तन मत छूना, नहीं तो मेरा देवता खुद देख लेगा।
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मोबाइल में रिकॉर्ड की पूरी बातचीत
राजेश के मुताबिक, इस व्यवहार से उसे मानसिक परेशानी हुई। उसने पुलिस को दी शिकायत में ये भी कहा है कि कथित घटना से संबंधित कुछ बातचीत उसके मोबाइल फोन में रिकॉर्ड है। शिकायतकर्ता ने ये दावा भी किया है कि रिकॉर्डिंग में जाति पूछने से जुड़ी बातचीत मौजूद है।
सितंबर में फिर ड्यूटी लगी तो विवाद दोबारा हुआ
शिकायत के अनुसार 11 सितंबर को राजेश की उसी सुरक्षा ड्यूटी में दोबारा तैनाती हुई। उसका आरोप है कि इस दौरान भी उसके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया। 13 सितंबर को खाने को लेकर फिर विवाद हुआ और उसने कथित जातिगत व्यवहार की शिकायत करने का फैसला लिया।
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कांस्टेबल ने शिकायत करकवाई
इसके बाद कांस्टेबल ने थाना प्रभारी चौपाल के समक्ष अपनी शिकायत रखी। पुलिस ने शिकायत में लगाए गए आरोपों के आधार पर SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(1)(r) के तहत FIR दर्ज की है।
पुलिस ने शुरू की जांच
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम की जांच कर रही है। दोनों पक्षों से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है और घटना से संबंधित साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।
