#हादसा
September 23, 2026
हिमाचल BREAKING : सांप के डसने से सगी बहनों की दर्दनाक मौ**त- 11 और 8 साल की थीं दोनों
परिवार पर दुखों का पहाड़, गांव में पसरा मातम
शेयर करें:

शिमला/नेरवा। हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नेरवा तहसील की दूरदराज ग्राम पंचायत टेलर में दो सगी बहनों की संदिग्ध रूप से सांप के डसने से मौत हो गई। दोनों बच्चियों को 20 सितंबर की सुबह उनके कमरे में बेसुध हालत में पाया गया था।
परिवार ने उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन दोनों को बचाया नहीं जा सका। मृत बच्चियों की पहचान जितेंद्र चौहान की बेटियों महक और कनक के रूप में हुई है। दोनों की उम्र क्रमश: 11 और 8 साल बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, बीती 20 सितंबर की सुबह परिवार के लोगों ने दोनों बच्चियों को कमरे में बेसुध देखा। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सबसे पहले त्यूणी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए आगे रेफर कर दिया। इसके बाद दोनों को रोहड़ू अस्पताल पहुंचाया गया। हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने दोनों बच्चियों को IGMC शिमला रेफर कर दिया।
IGMC शिमला में दोनों बच्चियों का उपचार शुरू किया गया, लेकिन हालत बेहद गंभीर होने के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों बच्चियों के शव परिवार को सौंप दिए गए हैं। घटना की जानकारी प्रशासन को भी दे दी गई है।
नेरवा के तहसीलदार कुश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल सांप के काटने की आशंका जताई जा रही है।
उन्होंने कहा कि अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सांप के काटने से मौत की पुष्टि होती है तो नियमानुसार परिवार को राहत प्रदान की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चियों की मौत की सही वजह स्पष्ट हो सकेगी। बच्चियों की मौत के बाद पूरे परिवार व गांव में मातम पसरा हुआ है।
आपको बता दें कि ऐसा ही एक दिल दहला देने वाला मामला मंडी जिले से भी सामने आया था। कोटली क्षेत्र के सेहली गांव में जहरीले सांप के डसने से सगे मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 9 वर्षीय काव्या और उसके 6 वर्षीय छोटे भाई नक्ष के रूप में हुई।
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार 11 सितंबर की शाम दोनों बच्चे रोजाना की तरह खाना खाने के बाद करीब साढ़े नौ बजे रात को सोने चले गए थे। घरवालों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह उनकी जिंदगी की आखिरी रात साबित होने वाली है। रात करीब 2:30 बजे अचानक 9 वर्षीय काव्या ने पेट में दर्द होने की शिकायत की।
परिवार ने इसे सामान्य परेशानी समझा। कुछ देर बाद उसके छोटे भाई नक्ष को भी तेज पेट दर्द होने लगा। दोनों बच्चों की हालत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी। बच्चों की तबीयत बिगड़ने और उनके दर्द से तड़पने के बाद परिजनों की नजर घर के दरवाजे के पास मौजूद एक बड़े काले सांप पर पड़ी। सांप को देखते ही परिवार को किसी अनहोनी का संदेह हुआ और आशंका जताई गई कि दोनों बच्चों को उसी जहरीले सांप ने डसा है।
इसके बाद परिजन बिना समय गंवाए दोनों बच्चों को लेकर जोनल अस्पताल मंडी की ओर दौड़े। बच्चों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल नेरचौक रेफर किया गया। परिवार बच्चों को बचाने की पूरी कोशिश करता रहा, लेकिन हालात लगातार बिगड़ते गए। नेरचौक अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दोनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।