शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में हुए चर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड का ऐसा सीसीटीवी वीडियो सामने आया हैए जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में दिखाई दे रहा घटनाक्रम इतना भयावह है कि उसे देखकर लोगों के रौंगटे खड़े हो रहे हैं। स्कूल संचालिका मनीषा मित्तल को निशाना बनाने के लिए दो शूटर पहले से ही स्कूल गेट के आसपास घात लगाकर खड़े थे और जैसे ही वह बाहर निकलीं, दोनों ने बेहद करीब से उन पर गोलियां बरसा दीं।
मौत बनकर गेट के बाहर खड़े थे हमलावर
सामने आए सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल सामान्य रूप से स्कूल परिसर से बाहर निकलकर पैदल आगे बढ़ रही हैं। इसी दौरान एक युवक उनके पीछे-पीछे चलता दिखाई देता है, जबकि दूसरा हमलावर आसपास मौजूद रहता है। दोनों ने अपने चेहरे ढके हुए हैं, जिससे उनकी पहचान छिपी रहे। वीडियो में साफ नजर आता है कि हमलावर पहले से ही मनीषा की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे और सही मौके का इंतजार कर रहे थे।
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पीछे से सिर पर ताबड़तोड़ फायरिंग
फुटेज के अनुसार जैसे ही मनीषा कुछ कदम आगे बढ़ती हैं, पीछे चल रहा शूटर अचानक उनके बेहद करीब पहुंचता है और सिर की ओर निशाना साधकर गोलियां चला देता है। हमले से वह तुरंत सड़क पर गिर पड़ती हैं। इसके बाद दूसरा हमलावर सामने की दिशा से उनकी ओर बढ़ता है और जमीन पर गिरी मनीषा पर लगातार फायरिंग करता है। पूरी वारदात कुछ ही सेकेंड में अंजाम दे दी जाती है। हमलावर यह सुनिश्चित करते दिखाई देते हैं कि उनका निशाना किसी भी स्थिति में बच न पाए।
वारदात के बाद सेकेंडों में फरार हुए आरोपी
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दोनों शूटर घटनास्थल से तेजी से भागते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो में आसपास मौजूद लोगों में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है, जबकि हमलावर मौके से फरार हो जाते हैं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने स्थानीय लोगों को भी स्तब्ध कर दिया था।
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13 जून को हुई थी सनसनीखेज हत्या
गौरतलब है कि 13 जून को शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। अब सामने आया विस्तृत वीडियो हत्याकांड की पूरी कहानी को बेहद स्पष्ट तरीके से सामने रखता है।
40 घंटे के भीतर हरियाणा से दबोचे गए शूटर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कई टीमों का गठन किया और लगातार छापेमारी की। जांच के दौरान पुलिस ने हरियाणा के रोहतक से दो संदिग्ध शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपियों को हत्या के लगभग 40 घंटे के भीतर पकड़ लिया गया था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरियाणा के झज्जर जिले के दुजाना गांव निवासी आशीष अहलावत और रोहतक क्षेत्र के निवासी दीपक के रूप में हुई है। दोनों को शिमला लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
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हत्या के पीछे कौन, बड़ा सवाल
हालांकि पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले कथित शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन इस हत्याकांड के पीछे असली साजिशकर्ता कौन है, इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। जांच एजेंसियां इस पहलू पर गहनता से काम कर रही हैं। पुलिस संपत्ति विवाद, स्कूल प्रबंधन को लेकर चल रहे मतभेद, पारिवारिक रंजिश और अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह हत्या पूरी तरह सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई है।
स्कूल और संपत्ति विवाद भी जांच के दायरे में
मनीषा मित्तल का अपने परिजनों के साथ स्कूल और संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि स्कूल के संचालन और हिस्सेदारी को लेकर कई वर्षों से तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इस विवाद को लेकर विभिन्न पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी सामने आते रहे हैं। मनीषा मित्तल ने अतीत में अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई थी और कई बार सार्वजनिक मंचों पर खुद को खतरा होने की बात कही थी। यही कारण है कि जांच एजेंसियां पुराने विवादों और हालिया घटनाक्रमों को भी जोड़कर देख रही हैं।
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पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती
सीसीटीवी वीडियो के सामने आने के बाद यह साफ हो गया है कि हत्या बेहद पेशेवर और योजनाबद्ध तरीके से की गई थी। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों तक पहुंचने की है जिन्होंने कथित तौर पर इस पूरी वारदात की साजिश रची और शूटरों को इसके लिए तैयार किया। पूरे प्रदेश की नजर अब पुलिस जांच पर टिकी हुई है और लोग इस सवाल का जवाब जानना चाहते हैं कि आखिर मनीषा मित्तल की हत्या के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।
