कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में नशे का काला कारोबार अब एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनता जा रहा है। पहाड़ी राज्य, जिसे कभी देवभूमि और शांत पर्यटन स्थल के रूप में जाना जाता था, आज नशा तस्करों के निशाने पर है। बीते कुछ वर्षों में खासकर चिट्टा, चरस, अफीम और सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के मामलों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है।
हिमाचल में बढ़ रहा काला कारोबार
आए दिन प्रदेश के किसी न किसी जिले से नशा तस्करी से जुड़ा मामला सामने आ रहा है। पुलिस द्वारा की जा रही गिरफ्तारियां यह साफ संकेत देती हैं कि नशे का नेटवर्क अब गांवों से लेकर कस्बों और पर्यटन स्थलों तक फैल चुका है। ताजा मामला हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले से सामने आया है।
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चरस संग तीन अरेस्ट
यहां पुलिस टीम ने तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने आरोपियों से भारी मात्रा में चरस की खेप बरामद की है और उनकी कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है।
ऑल्टो कार में चरस तस्करी
जानकारी के अनुसार, पुलिस को बीते कल पुख्ता इनपुट मिला था कि कछियारी क्षेत्र में एक ऑल्टो कार संदिग्ध अवस्था में खड़ी है- जिसमें भारी मात्रा में चरस रखी गई है। सूचना में यह भी बताया गया था कि कार में सवार लोग इस नशीले पदार्थ को बेचने की फिराक में हैं।
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घेराबंदी कर ली कार की तलाशी
सूचना की गंभीरता को देखते हुए कांगड़ा थाना पुलिस ने बिना देरी किए एक विशेष टीम का गठन किया और मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी कर संदिग्ध ऑल्टो कार की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 852 ग्राम चरस बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
आरोपियों की पहचान
मौके से ही पुलिस ने कार में सवार दो युवकों को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रामलाल पुत्र बंगलू राम निवासी झटींगीरी और संजय कुमार पुत्र सुनका राम निवासी मारखान जिला मंडी के रूप में हुई है।
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खरीदने वाला भी गिरफ्तार
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने उस व्यक्ति को भी गिरफ्तार कर लिया, जिसे यह चरस सप्लाई की जानी थी। आरोपी की पहचान शमशेर निवासी गांव सहोड़ा, तहसील व जिला कांगड़ा के रूप में की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नशा एक सुनियोजित नेटवर्क के तहत एक जिले से दूसरे जिले में पहुंचाया जा रहा था।
किसे बेचने वाले थे खेप?
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रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
पुलिस को आशंका है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस टीम आरोपियों के फोन और बैंक की डिटेल खंगाल रही है- ताकि उनके साथ इस काले कारोबार में संलिप्त लोगों तक पहुंचा जा सके।
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पुलिस का सहयोग करें लोग
पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों से भी सहयोग करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि अगर किसी को भी कोई नशा खरीदते या नशा बेचते दिखाई दे तो तुरंत पुलिस से संपर्क करे।सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
