रिकांगपिओ। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिला से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर प्रदेश की युवा पीढ़ी में इतनी कम उम्र में आपराधिक प्रवृत्ति किस तरह जन्म ले रही है। भावानगर थाना क्षेत्र में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है, जहां पुलिस के अनुसार महज 15 वर्षीय किशोर पर 7 साल की मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ यौन अपराध करने का आरोप लगा है।

 

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी। बच्ची को चिकित्सकीय जांच और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भावानगर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

बच्ची के अपहरण कर नीचता करने का आरोप

पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्ची भावानगर क्षेत्र के एक खेल मैदान के आसपास मौजूद थी। इसी दौरान आरोपी किशोर कथित तौर पर उसे बहला-फुसलाकर वहां से अपने साथ ले गया। आरोप है कि इसके बाद बच्ची को पास के एक खाली कमरे में ले जाया गया, जहां उसके साथ यौन अपराध किया गया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में भी सनसनी फैल गई। हालांकि पुलिस ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच शुरू कर दी है और जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

 

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सुरागों की तलाश में CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस उन सभी संभावित रास्तों और स्थानों की भी जांच कर रही है, जहां से बच्ची को ले जाया गया हो सकता है। जांच एजेंसियां उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना में आरोपी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

किशोर की पहचान से जुड़े सुराग भी जुटाए जा रहे

पुलिस के अनुसार शुरुआती जानकारी में आरोपी के पहनावे से संबंधित कुछ सुराग भी सामने आए हैं। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों और CCTV फुटेज की जांच कर रही है। मामले में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। पुलिस का प्रयास है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटना का पूरा सच सामने लाया जा सके।

 

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डॉक्टरों की निगरानी में मासूम बच्ची

घटना के बाद पीड़िता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भावानगर में भर्ती करवाया गया। चिकित्सकों की टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। नाबालिग बच्ची से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। बच्ची की निजता और सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरती जा रही है।

एसपी ने कहा- अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

किन्नौर के पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस थाना भावानगर में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की निष्पक्षता और गंभीरता के साथ जांच कर रही है। एसपी ने लोगों से अपील की है कि संवेदनशील मामले को लेकर बिना पुष्टि की कोई भी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें। 

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कम उम्र में अपराध की प्रवृत्ति ने खड़े किए गंभीर सवाल

इस घटना ने समाज के सामने एक बेहद गंभीर सवाल खड़ा किया है। इतनी कम उम्र में एक किशोर पर इतने गंभीर अपराध का आरोप लगना केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि बच्चों और किशोरों के व्यवहार, उनके सामाजिक वातावरण तथा उन्हें मिलने वाली निगरानी और मार्गदर्शन से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा भी है।

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