#अपराध
September 22, 2026
हिमाचल : 15 गाड़ियां, होम-स्टे, 2 बड़े घर- चिट्टा तस्करी कर बनाई 4 करोड़ की संपत्ति जब्त
वाहनों में थार और क्रेटा जैसी गाड़ियां भी बताई गई हैं
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए शिमला पुलिस ने अब तस्करों की संपत्ति पर कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने एक चिट्टा तस्करी मामले से जुड़े आरोपियों और उनके सहयोगियों की करीब 4.13 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की है। कार्रवाई में प्लॉट, मकान, अपार्टमेंट, होम-स्टे के साथ करीब 15 वाहन भी शामिल हैं।
मामला अगस्त 2024 का है। पुलिस थाना सदर ने 14 अगस्त को केस दर्ज किया था। इससे एक दिन पहले पुराने बस स्टैंड शिमला के एक होटल में पुलिस ने सूरज निवासी लखीसराय, बिहार और रोहित पांडे निवासी आरा, बिहार से करीब 6.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया था।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाले। इसके आधार पर मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी जांच के दायरे में लाया गया। साल 2026 में पुलिस ने इस मामले में वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों की आय, आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की पड़ताल की गई।
पुलिस के अनुसार, जांच में कुल 19 लोगों से जुड़ी संपत्तियां सामने आईं। इनमें 9 आरोपी और 10 सहयोगी बताए गए हैं। पुलिस ने इनसे संबंधित 20 संपत्तियों को चिन्हित किया, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 4.13 करोड़ रुपये है।
जब्त संपत्तियों में दो रिहायशी प्लॉट, दो आवासीय भवन, एक अपार्टमेंट, एक होम-स्टे और करीब 15 वाहन शामिल हैं। वाहनों में थार और क्रेटा जैसी गाड़ियां भी बताई गई हैं।
शिमला पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक 15 NDPS मामलों में आरोपियों और उनके सहयोगियों से जुड़ी 12.52 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से बनाई गई संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भी शिमला पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ड्रग कारोबार के वित्तीय नेटवर्क को भी निशाना बनाना जरूरी है।