ऊना। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला से मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। बहडाला क्षेत्र में एक छह साल की मासूम बच्ची के साथ जो व्यवहार किया गया- वह न सिर्फ अमानवीय है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर सवाल खड़ा करता है।
मासूम पर बेरहमी की हद
बताया जा रहा है कि बच्ची को एक सेवानिवृत्त फौजी के घर के भीतर सीढ़ियों की रेलिंग से रस्सी और कपड़े की मदद से बांध दिया गया। बच्ची का कसूर सिर्फ इतना बताया गया कि उसने घर के पास लगे अमरूद के पेड़ से फल तोड़ लिया था।
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इंटरनेट पर वीडियो वायरल
राहगीर बना बच्ची के लिए फरिश्ता
घटना उस समय सामने आई जब नेवी में तैनात अधिकारी रोहित जसवाल वहां से गुजर रहे थे। बच्ची की चीखें सुनकर वे तुरंत घर के अंदर पहुंचे। वहां का नजारा देखकर वे हैरान रह गए।
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अमरूद तोड़ने की मिली सजा
उन्होंने तुरंत मकान मालिक से इस कृत्य का कारण पूछा, जिस पर उसने बच्ची पर अमरूद तोड़ने का आरोप लगाया। इस पर अधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाते हुए बच्ची को तुरंत छुड़वाया। बाद में जब बच्ची से पूछा गया, तो उसने खुद अमरूद तोड़ने से इनकार किया, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ गई।
लोगों में आक्रोश
घटना का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हर कोई इस अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा कर रहा है। लोगों का कहना है कि इतनी छोटी बच्ची को इस तरह सजा देना किसी भी हालत में जायज नहीं ठहराया जा सकता।
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चाइल्डलाइन और पुलिस हरकत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए चाइल्डलाइन की टीम ने तुरंत संज्ञान लिया और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस भी सक्रिय हो गई है और पूरे मामले की तह तक जाने के लिए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
