#अपराध
April 5, 2026
BJP दफ्तर में धमाका : पुलिस ने गिरफ्तार किया हिमाचल का युवक, ISI से भी जुड़े हैं तार
संगठित तरीके से कर रहे थे काम- नेटवर्क खंगाल रही जांच एजेंसियां
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शिमला/चंडीगढ़। चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर हुए ग्रेनेड हमले की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।
आरोपियो में एक युवक हिमाचल के शिमला का रहने वाला है। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से एक हैंड ग्रेनेड, 30 बोर जिगाना पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। जिससे इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

इस मामले की सबसे चौंकाने वाली कड़ी हिमाचल प्रदेश से जुड़ी सामने आई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हिमाचल का युवक इस नेटवर्क से कब और कैसे जुड़ा। क्या हिमाचल से अन्य लोग भी इस मॉड्यूल का हिस्सा हैं।

पंजाब के DGP गौरव यादव के अनुसार, शुरुआती जांच में इस नेटवर्क के तार सीधे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े पाए गए हैं। इतना ही नहीं, इस पूरे ऑपरेशन को विदेश में बैठे हैंडलर नियंत्रित कर रहे थे- जिनके ठिकाने पुर्तगाल और जर्मनी बताए जा रहे हैं।
यह मॉड्यूल बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था। इसमें अलग-अलग स्तर पर ‘कट-आउट’ और सब-हैंडलर बनाए गए थे- ताकि असली साजिशकर्ताओं तक पहुंचना मुश्किल हो सके।

AIG स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल SSOC दीपक पारिक के मुताबिक, आरोपियों ने हथियारों और विस्फोटकों की खेप को कई चरणों में ट्रांसपोर्ट किया। यह खेप अलग-अलग लोगों के जरिए आगे बढ़ाई गई- ताकि किसी एक कड़ी के पकड़े जाने पर पूरा नेटवर्क उजागर न हो।
आखिरकार यही हथियार हमले को अंजाम देने वालों तक पहुंचे। जांच में सामने आया है कि पुर्तगाल में बैठे हैंडलर बलजोत सिंह उर्फ जोत के निर्देशों पर आरोपियों ने आपसी तालमेल से पूरी साजिश रची।

पुलिस ने इस मामले में SSOC, SBS नगर थाने में FIR दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1)(2) और BNS की धारा 61(2) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही, हमले में शामिल दो मुख्य आरोपियों की पहचान भी कर ली गई है- जो फिलहाल फरार हैं। उनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों में से एक शिमला से है और बाकी के चार पंजाब से संबंध रखते हैं। आरोपियों की पहचान-
पुलिस टीम इन सभी आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है- ताकि पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके। पुलिस का दावा है कि इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर न केवल इस हमले की साजिश को बेनकाब किया गया है, बल्कि भविष्य में होने वाली कई संभावित आतंकी घटनाओं को भी समय रहते रोका गया है।
फिलहाल, जांच एजेंसियां हथियारों की सप्लाई चेन, विदेशी कनेक्शन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान में जुटी हैं- ताकि इस पूरे षड्यंत्र को पूरी तरह खत्म किया जा सके।