सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में एक बार फिर 108 AMBULANCE में प्रसव का मामला सामने आया है। मामले में हैरान कर देने वाली बात ये है कि महिला ने राजगढ़ अस्पताल से महज 500 मीटर दूर AMBULANCE में बेटे को जन्म दिया है।
डॉक्टरों ने रेफर किया डिलीवरी केस
दरअसल, शिवपुर गांव की 23 वर्षीय सीमा को प्रसव के लिए नौहराधार से राजगढ़ अस्पताल लाया गया था। यहां चिकित्सकों ने महिला की स्थिति को गंभीर बताते हुए उसे सोलन अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद सीमा को 108 AMBULANCE के माध्यम से सोलन ले जाया जा रहा था।
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500 मीटर दूरी पर हुआ तेज दर्द
राजगढ़ अस्पताल से महज करीब 500 मीटर की दूरी तय करने के बाद महिला की प्रसव पीड़ा अचानक तेज हो गई। स्थिति को देखते हुए 108 AMBULANCE में तैनात EMT पुष्म शर्मा और पायलट मनोज कुमार ने बिना समय गंवाए मोर्चा संभाला।
AMBULANCE में जन्मा बेटा
AMBULANCE में ही प्रसव करवाने की तैयारी की गई और दोनों कर्मचारियों की तत्परता से महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। सीमा ने एक बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद मां और नवजात दोनों सुरक्षित बताए गए। अचानक आई इस आपात स्थिति में एंबुलेंस कर्मियों ने उपलब्ध संसाधनों के बीच जिस तरह स्थिति संभाली, उसकी सराहना की जा रही है।
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उठ रहे कई गंभीर सवाल
घटना ने जहां 108 AMBULANCE के EMT और पायलट की तत्परता को सामने लाया है, वहीं राजगढ़ अस्पताल की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि-
- अगर महिला को प्रसव के लिए राजगढ़ अस्पताल लाया गया था- तो उसे अस्पताल से महज 500 मीटर की दूरी पर ही AMBULANCE में प्रसव क्यों करवाना पड़ा?
- आखिर राजगढ़ अस्पताल में प्रसव की सुविधा को लेकर क्या स्थिति है।
- अगर महिला की हालत वास्तव में गंभीर थी और यहां प्रसव करवाना सुरक्षित नहीं था- तो क्या अस्पताल में पर्याप्त संसाधनों या विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी इसकी वजह है?
- अगर महिला का प्रसव राजगढ़ में सुरक्षित तरीके से कराया जा सकता था- तो उसे अस्पताल से इतनी कम दूरी पर ही सोलन के लिए रेफर करने की जरूरत क्यों पड़ी?
- क्या राजगढ़ अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर बनकर रह जाएगा?
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क्या बोले स्थानीय लोग?
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजगढ़ अस्पताल में नौहराधार और अन्य क्षेत्रों से मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में अगर गंभीर मामलों में मरीजों को लगातार दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर किया जाता है- तो लोगों की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर निर्भरता प्रभावित होती है। उनका कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त डॉक्टर, विशेषज्ञ, उपकरण और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध होने चाहिए, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
मां और बच्चा सुरक्षित
फिलहाल सीमा और उसका नवजात सुरक्षित हैं। इस घटना में 108 AMBULANCE कर्मियों की तत्परता ने मां और बच्चे को समय पर सहायता उपलब्ध कराई। मगर साथ ही राजगढ़ अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उठे सवालों का जवाब स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन से मिलने का इंतजार है।
