#अपराध
September 23, 2026
हिमाचल : उल्टी का बहाना बना दिया पुलिस को चकमा, कोर्ट से भागा चिट्टा तस्कर- 2 कांस्टेबल सस्पेंड
पुलिस ने घंटों बाद ड्रोन की मदद से पकड़ा आरोपी
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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में अदालत परिसर से चिट्टा तस्करी के आरोपी के भागने के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। आरोपी की सुरक्षा में तैनात स्वारघाट पुलिस थाने के दो जवानों को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं। यह कार्रवाई मंगलवार को अदालत में पेशी के दौरान हुई घटना के बाद की गई।
जानकारी के मुताबिक, कुल्लू निवासी 32 वर्षीय चंद्रवीर को पुलिस ने गरा क्षेत्र में एक लग्जरी बस की जांच के दौरान पकड़ा था। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 12.58 ग्राम चिट्टा बरामद होने का मामला सामने आया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को मंगलवार को बिलासपुर अदालत में पेश करने के लिए पुलिस टीम लाई थी।
अदालत में पेशी की प्रक्रिया शुरू होने से पहले आरोपी ने पुलिस कर्मचारियों के सामने तबीयत खराब होने की बात कही। उसने उल्टी आने की शिकायत की और बाथरूम जाने की इच्छा जताई। पुलिस जवान उसे बाथरूम की ओर ले जाने लगे। इसी दौरान आरोपी ने अचानक मौका पाकर अदालत की पहली मंजिल से छलांग लगा दी और वहां से भाग गया।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने तत्काल आसपास के इलाकों में तलाश शुरू कर दी। शहर में संभावित रास्तों पर नाकेबंदी की गई और बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर पुलिस टीमें तैनात की गईं। पुलिस ने शहर से बाहर जाने वाले रास्तों पर भी निगरानी बढ़ा दी, ताकि आरोपी किसी वाहन के जरिए फरार न हो सके।
करीब डेढ़ घंटे तक चले तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को स्थानीय लोगों से भी जानकारी मिली। बस स्टैंड के आसपास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने वहां खोजबीन तेज की। इसी दौरान आरोपी एक निकास नाली में छिपा मिला। पुलिस ने उसे वहां से पकड़कर दोबारा हिरासत में ले लिया।
आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसकी सुरक्षा में हुई चूक को गंभीरता से लिया। अदालत परिसर जैसी संवेदनशील जगह से हिरासत में मौजूद आरोपी के भागने के मामले में ड्यूटी पर तैनात दोनों जवानों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने दोनों को निलंबित करने के साथ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
विभागीय जांच में यह पता लगाया जाएगा कि आरोपी की निगरानी के दौरान किन परिस्थितियों में लापरवाही हुई और वह पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के बावजूद भागने में कैसे सफल हुआ। वहीं, आरोपी के खिलाफ दर्ज चिट्टा तस्करी के मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे जारी है।