सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों की बीमारी की तस्वीर तो तैयार हो रही है। मगर उस तस्वीर को पढ़कर इलाज की दिशा तय करने वाला विशेषज्ञ डॉक्टर ही मौजूद नहीं है।
बड़े अस्पताल में बुरे हाल
डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल नाहन के रेडियोलॉजी विभाग में पिछले करीब एक महीने से एक भी रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मरीजों को जांच करवाने के बाद भी विशेषज्ञ रिपोर्ट के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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अस्पताल में नहीं है एक भी रेडियोलॉजिस्ट
हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अस्पताल में X-Ray की सुविधा तो चल रही है, लेकिन इन जांचों का विशेषज्ञ स्तर पर आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। वहीं अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं भी प्रभावित हैं। बीमारी की सही पहचान और आगे के उपचार के लिए इन जांचों की रिपोर्ट बेहद अहम होती है।
8 स्वीकृत पद, सभी खाली
नाहन मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में कुल आठ पद स्वीकृत हैं। इनमें पांच सीनियर रेजिडेंट, एक असिस्टेंट प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और एक प्रोफेसर-कम-एचओडी का पद शामिल है। जानकारी के अनुसार वर्तमान में सभी पद खाली पड़े हैं।
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स्टाफ की भारी कमी
विभाग में पहले तैनात प्रोफेसर एवं एचओडी डॉ. दिनेश शर्मा के सेवानिवृत्त होने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। इससे पहले दो रेडियोलॉजिस्ट नौकरी छोड़ चुके हैं, जबकि एक चिकित्सक का हमीरपुर मेडिकल कॉलेज में स्थानांतरण हो चुका है।
अल्ट्रासाउंड बंद, X-Ray की रिपोर्ट पर भी संकट
रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने का सीधा असर मरीजों पर पड़ रहा है। पिछले करीब एक महीने से अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है। X-Ray जरूर किए जा रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ के अभाव में इनकी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
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बड़ी संख्या में पहुंचते हैं मरीज
मेडिकल कॉलेज में सिरमौर के दूरदराज क्षेत्रों के अलावा आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। ऐसे में रेडियोलॉजी जैसी महत्वपूर्ण विशेषज्ञ सेवा के प्रभावित होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
निजी सेंटरों का रुख करने को मजबूर मरीज
सरकारी अस्पताल में कम खर्च में इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचने वाले मरीजों को अब कई मामलों में निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है। वहां जांच करवाने के लिए उन्हें अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए परेशानी और बढ़ जाती है। जांच की फीस के साथ आने-जाने का अतिरिक्त खर्च भी परिवारों पर पड़ रहा है।
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लाखों के वेतन पर भी नहीं मिल रहा विशेषज्ञ
रेडियोलॉजिस्ट की कमी को दूर करने के लिए सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति के लिए आकर्षक वेतन के साथ विज्ञापन भी जारी किया गया है।
इसके बावजूद अभी तक रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति नहीं हो पाई है। प्रदेश के कुछ अन्य सरकारी अस्पतालों में भी रेडियोलॉजिस्ट की कमी की समस्या सामने आती रही है। इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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मरीजों ने सरकार से जल्द नियुक्ति की मांग की
मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि नाहन मेडिकल कॉलेज सिरमौर की स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां आने वाले मरीजों को उम्मीद रहती है कि उन्हें एक ही जगह जांच, विशेषज्ञ परामर्श और उपचार की सुविधा मिलेगी। लेकिन रेडियोलॉजी विभाग में डॉक्टर नहीं होने के कारण उन्हें बाहर जाना पड़ रहा है।
मरीजों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि रेडियोलॉजिस्ट की जल्द नियुक्ति की जाए, ताकि सरकारी अस्पताल में ही जरूरी जांच और उनकी विशेषज्ञ रिपोर्ट उपलब्ध हो सके।
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सरकार को भेजी गई जानकारी
मेडिकल कॉलेज नाहन की प्रिंसिपल डॉ. संगीत ढिल्लों ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट की कमी के संबंध में सरकार को जानकारी भेजी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने का आग्रह किया गया है और सरकार तथा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से विशेषज्ञ चिकित्सक की नियुक्ति के प्रयास किए जा रहे हैं।
अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रभावित है
उन्होंने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट उपलब्ध न होने के कारण अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रभावित है। जबकि X-Ray किए जा रहे हैं, लेकिन उनकी विशेषज्ञ स्तर पर रिपोर्टिंग के लिए रेडियोलॉजिस्ट की जरूरत है।
