ऊना। स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठकर पढ़ाई करना और दो महीनों से बिना बिजली-पानी के जिंदगी गुजारना सुनने में भले ही किसी फिल्म की कहानी लगे, लेकिन यह हकीकत है हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के एक परिवार की। यहां एक परिवार पिछले करीब दो महीने से बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि परेशान महिला अपने पति और बच्चों के साथ प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गई और इंसाफ की गुहार लगाई। महिला ने चेतावनी दी। 

जेठ और सास ने काट दी घर की बिजली और पानी 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मामला जिला ऊना के  नगर परिषद संतोषगढ़ के वार्ड नंबर-5 का है। यहां की रहने वाली महिला सुनीता देवी जो बीते सोमवार को अपने पति और दो बच्चों के साथ DC कार्यालय पहुंची। पीड़ित महिला सुनीता देवी का आरोप है कि पारिवारिक विवाद के चलते उनके जेठ और सास ने जबरन उनके घर का बिजली और पानी का कनेक्शन कटवा दिया।

 

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दो महीने से अंधेरे में है परिवार

इसके बाद से उनका पूरा परिवार पिछले करीब दो महीनों से बेहद कठिन हालात में जिंदगी गुजारने को मजबूर है। भीषण गर्मी के बीच बिना बिजली के रहना परिवार के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। रात होते ही पूरा घर अंधेरे में डूब जाता है और बच्चों सहित पूरे परिवार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

सड़क किनारे स्ट्रीट लाइट में करते हैं बच्चे बढ़ाई 

महिला ने बताया कि बिजली न होने का सबसे ज्यादा असर उसके बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। घर में रोशनी न होने के कारण बच्चे रात को स्ट्रीट लाइट के नीचे बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। महिला का कहना है कि सड़क किनारे पढ़ाई करते समय हमेशा किसी दुर्घटना का डर बना रहता है, लेकिन मजबूरी के कारण बच्चों को ऐसा करना पड़ रहा है। परिवार के पास फिलहाल कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।

 

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पानी लेने जाना पड़ता है पड़ोसियों के घर 

पानी की समस्या भी परिवार के लिए बड़ी मुसीबत बनी हुई है। सुनीता देवी ने बताया कि पानी के लिए उन्हें पड़ोसियों और अन्य लोगों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई बार दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। महिला का कहना है कि बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं के बिना सामान्य जीवन जीना बेहद मुश्किल हो गया है।

दिहाड़ी मजदूरी कर चलता है घर 

परिवार की आर्थिक हालत भी कमजोर बताई जा रही है। महिला के पति दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। सीमित कमाई के कारण परिवार अलग से रहने या नया मकान लेने की स्थिति में भी नहीं है। बताया जा रहा है कि पूरा परिवार एक ही मकान में रहता है।

 

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 सास के नाम हैं जमीन के कागजात

मकान के नीचे वाले हिस्से में महिला की सास और जेठ का परिवार रहता है, जबकि सुनीता देवी अपने पति और बच्चों के साथ ऊपर के कमरों में रहती हैं। महिला का कहना है कि मकान और जमीन के कागजात उसकी सास के नाम हैं, जिस कारण वह अलग से नया बिजली कनेक्शन भी नहीं लगवा पा रही।

संबंधित विभागों से लगाई गुहार 

इसी वजह से परिवार पूरी तरह फंसा हुआ महसूस कर रहा है। महिला ने आरोप लगाया कि उसने कई बार संबंधित विभागों और अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन अब तक समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकला।

 

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परिवार सहित आत्मदाह करने की दी चेतानी 

परेशान होकर महिला सोमवार को अपने बच्चों और पति के साथ डीसी कार्यालय पहुंची। यहां उसने प्रशासन को साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली और पानी की सुविधा बहाल नहीं की गई तो वह परिवार सहित आत्मदाह करने को मजबूर हो जाएगी। महिला ने कहा कि अगर ऐसा कोई कदम उठाना पड़ा तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।

अब हरकत में आया विभाग 

मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने अधिकारियों को तुरंत जांच के निर्देश दिए हैं। DC  ने कहा कि संबंधित विभागों और SSDM को मामले की जांच कर जल्द समाधान निकालने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि परिवार को जरूरी सुविधाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।