शिमला। हिमाचल प्रदेश की जनता पहले ही महंगाई के दौर से गुजर रही है। वहीं, अब आम जनता को एक और झटका लगा है। हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल IGMC शिमला में इलाज करवाने के लिए अब लोगों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे।

हिमाचल की जनता को झटका

दरअसल, IGMC शिमला में अब पहले की तुलना में ज्यादा महंगा हो गया है। अस्पताल प्रशासन ने विभिन्न जांचों और सुविधाओं के शुल्कों में बढ़ोतरी कर दी है, जिसका सीधा असर आम मरीजों और उनके तीमारदारों पर पड़ेगा।

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टेस्ट के बढ़े दाम

खासतौर पर स्पेशल वार्ड, MRI और PET SCAN जैसी महंगी जांचों के दाम बढ़ाए जाने से इलाज का खर्च और बढ़ गया है। यह फैसला हाल ही में आयोजित रोगी कल्याण समिति (RKS) की बैठक में लिया गया है।

 

बैठक में अस्पताल की बढ़ती जरूरतों, आधुनिक मशीनों के रखरखाव, दवाओं की उपलब्धता और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए शुल्क संशोधित करने पर सहमति बनी।

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PET SCAN अब होगा और महंगा

नए निर्णय के तहत IGMC में PET SCAN करवाने के लिए मरीजों को अब 10 हजार रुपये चुकाने होंगे। कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों की जांच में उपयोग होने वाला पैट स्कैन पहले भी महंगा माना जाता था, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़ने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह जांच करवाना और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

MRI के भी नए रेट तय

MRI जांच के शुल्क भी संशोधित कर दिए गए हैं। अब जांच की श्रेणी और जरूरत के अनुसार मरीजों को 2700 रुपये से लेकर 4000 रुपये तक का भुगतान करना होगा। पहले जहां कुछ मामलों में रियायती दरों पर MRI हो जाती थी, वहीं अब नई दरों से मरीजों का जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है।

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स्पेशल वार्ड की फीस में भी इजाफा

IGMC के स्पेशल वार्ड में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए भी नई दरें लागू कर दी गई हैं। अब स्पेशल वार्ड में रहने के लिए प्रतिदिन 1500 से 2000 रुपये तक देने होंगे। निजी सुविधा और बेहतर आराम के लिए स्पेशल वार्ड चुनने वाले मरीजों के लिए यह बढ़ोतरी खासा असर डाल सकती है।

क्यों बढ़ाए अस्पताल ने दाम?

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि शुल्कों में की गई यह बढ़ोतरी मरीजों से मनमाने ढंग से पैसा वसूलने के लिए नहीं, बल्कि अस्पताल की सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए जरूरी है।

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कहां इस्तेमाल होगा जनता का पैसा?

प्रशासन के अनुसार, आधुनिक मशीनों की मरम्मत, नई तकनीक, दवाओं की निरंतर आपूर्ति और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से चलाने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता होती है, जिसे इन शुल्कों के माध्यम से पूरा किया जाएगा।

आज से लागू हुए नए रेट

गौरतलब है कि संशोधित शुल्क आज से ही प्रभावी कर दिए गए हैं। ऐसे में अब IGMC आने वाले मरीजों को इलाज से पहले नए रेट्स के अनुसार भुगतान करना होगा आम मरीजों और उनके परिजनों के लिए यह फैसला राहत देने वाला नहीं है।

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मरीजों की बढ़ी चिंता

पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए इलाज का खर्च बढ़ना चिंता का विषय बन गया है। कई तीमारदारों का कहना है कि सरकारी अस्पताल से उम्मीद होती है कि यहां इलाज सस्ता और सुलभ होगा, लेकिन शुल्क बढ़ने से गरीब और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा।

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